'फर्जी सरकार' चला रहे शहबाज शरीफ? पाकिस्तान में विपक्षी नेता ने सेना को भी घेरा

पाकिस्तान में सेना के बढ़ते प्रभाव को लेकर विपक्षी नेता फजलुर रहमान ने चिंता जताई है. उन्होंने शहबाज शरीफ सरकार के जनादेश पर सवाल उठाते हुए उसे 'फर्जी सरकार' बताया. साथ ही, खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू करने के फैसले की आलोचना की.

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विपक्ष शहबाज शरीफ सरकार पर निशाना. (Image: PMO Pakistan) विपक्ष शहबाज शरीफ सरकार पर निशाना. (Image: PMO Pakistan)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:53 PM IST

पाकिस्तान में सेना के बढ़ते प्रभाव को लेकर विपक्षी नेता मौलाना फजलुर रहमान ने चेतावनी दी है. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को 'फर्जी सरकार' बताते हुए उसके चुनावी जनादेश पर सवाल उठाए. साथ ही, उन्होंने कहा कि सेना, नौकरशाही और चुनी हुई संस्थाओं को अपने संवैधानिक दायरे में रहकर काम करना चाहिए.

पंजाब के मुल्तान जिले में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए फजलुर रहमान ने यह बात कही. उनका बयान ऐसे समय आया है, जब खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की प्रांतीय सरकार हटाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है.

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कौन हैं मौलाना फजलुर रहमान?

मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तान की जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) पार्टी के प्रमुख हैं. वह पाकिस्तान की राजनीति में विपक्ष के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं. वह धार्मिक राजनीति से जुड़े नेता हैं और कई मौकों पर सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करते रहे हैं.

इमरान खान की पार्टी की सरकार हटाने पर जताई नाराजगी

दरअसल, 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट की सिफारिश पर खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू किया था. इसके बाद PTI की प्रांतीय सरकार हट गई. इमरान खान फिलहाल जेल में हैं.

फजलुर रहमान ने इस फैसले को लोकतंत्र पर हमला बताया था. उन्होंने कहा था कि वह इसका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे. अपने ताजा बयान में भी उन्होंने उन ताकतों पर सवाल उठाए, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे संसद और जनता से जुड़ी राजनीति को कमजोर कर रही हैं.

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शहबाज शरीफ सरकार को बताया 'फर्जी सरकार'

फजलुर रहमान ने शहबाज शरीफ की सरकार के जनादेश पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जनता का चुनावी समर्थन हासिल नहीं है. इसी आधार पर उन्होंने शहबाज सरकार को 'फर्जी सरकार' बताया और सत्ता में बैठे लोगों को 'ताकतहीन शासक' कहा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फजलुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी ने संसद के जरिए अपनी बात रखने का रास्ता चुना है. उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान में संसदीय राजनीति, लोकतंत्र और जनता से जुड़ी राजनीति को कमजोर करने के पीछे कौन है. उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की भूमिका पर भी सवाल उठाए. साथ ही, खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू करने के फैसले को लेकर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की आलोचना की.

हालांकि, फजलुर रहमान के बयान पर पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर के बारे में की गई टिप्पणियों से हर देशभक्त पाकिस्तानी को ठेस पहुंची है. मरियम नवाज ने फजलुर रहमान पर खैबर पख्तूनख्वा में कथित बदइंतजामी और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों का समर्थन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से जवाब मांगने के बजाय उनका बचाव किया जा रहा है.
 

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