नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह बुधवार को संसद की कार्यवाही में शामिल होंगे और सांसदों के सीधे सवालों के जवाब देंगे. हालांकि, स्पीकर के समन पर संसद पहुंच रहे बालेन शाह संसद में भी अपना काला चश्मा नहीं उतारेंगे.
दरअसल संसद में स्पीकर डोल प्रसाद आर्यल ने डार्क गॉगल्स पहनने पर बैन लगाया था, लेकिन पीएम शाह ने इसका हल निकाल लिया है.
नेपाली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बालेन शाह हाल ही में छाउनी स्थित बीरेंद्र मिलिट्री अस्पताल में अपनी आंखों की जांच कराने पहुंचे थे. वहां एसोसिएशन प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. सचित ढकाल ने उनकी जांच की.
आंखों की हिफाजत के लिए डार्क सनग्लासेस पहनने की सलाह
दरअसल डॉक्टरों ने बालेन शाह को लाइट सेंसिटिविटी और ड्राई आइज की समस्या से पीड़ित पाया है. इसके लिए उन्हें रेगुलर आई ड्रॉप्स और आंखों की हिफाजत के लिए डार्क सनग्लासेस पहनने की सलाह दी गई है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मेडिकल रिपोर्ट और सिफारिशों को संघीय संसद सचिवालय को भेज दिया है.
संसद में भेजा मेडिकल सर्टिफिकेट
बता दें कि 6 अगस्त को स्पीकर डोल प्रसाद आर्यल ने सभी राजनीतिक दलों से कहा था कि मेडिकल कारणों को छोड़कर संसद की कार्यवाही के दौरान काला चश्मा पहनने की इजाजत नहीं होगी. लेकिन बालेन शाह ने संसद में सीधे सवालों के जवाब देने से ठीक एक दिन पहले ये मेडिकल सर्टिफिकेट पेश कर दिया है.
रैपर से राजनेता बने बालेन शाह का काला चश्मा हमेशा से उनका स्टाइल रहा है. सितंबर 2025 में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के बाद केपी शर्मा ओली की सरकार गिरी थी, जिसके बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की ओर से बालेन शाह प्रधानमंत्री बने थे.
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विरोधी बालेन शाह के काला चश्मा पहनने को उनके अहंकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की अनदेखी के रूप में देखते हैं. प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल के 150 दिन पूरे होने के बाद उनकी कार्यशैली की काफी आलोचना भी हुई.
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