नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है. उन्होंने इस आपदा से हुई भारी जन-धन के नुकसान अपनी संवेदना जताए है. प्रधानमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया है.
बालेन शाह ने कहा कि बाढ़ की खबर मिलते ही सरकार ने बिना देर किए अपने सभी उपलब्ध संसाधनों और तंत्रों को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान में लगा दिया.
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक के बाद राष्ट्रीय परिषद और मंत्रिपरिषद की बैठक भी हुई, जिसमें बचाव, खोज और राहत कार्यों को तेज करने के लिए फैसले लिए गए.
सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस अभियान में जुटी
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने जानकारी दी कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें तत्काल तैनात की गई हैं. नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से अब तक 250 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. इनमें घायल लोगों को तुरंत काठमांडू लाकर इलाज शुरू किया गया है.
PM ने कहा कि फिलहाल सरकार का फोकस घायलों की जान बचाने, लापता लोगों की तलाश करने और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित रखने पर है.
वीर अस्पताल और ट्रमा सेंटर में 100 बेड आरक्षित
घायलों के अच्छे और मुफ्त इलाज के लिए काठमांडू के वीर अस्पताल और राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं. काठमांडू घाटी के कई बड़े अस्पतालों को भी किसी भी समय घायलों के इलाज के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजकर घायलों के प्राथमिक उपचार के इंतजाम किए हैं. राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर और कई सुरक्षा एजेंसियों से डॉक्टरों सहित स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं. इसके अलावा नेपाल स्काउट और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत कई संस्थाओं की ओर से डॉक्टर, बचावकर्मी और स्वास्थ्य सामग्री भी भेजी गई है.
भोजन, पानी और अस्थायी आवास के इंतजाम
नेपाली प्रधानमंत्री ने बताया कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा, दवाइयों और खून की कमी न हो, इसके लिए रक्तसंचार केंद्र, बागमती और गंडकी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालयों, नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी, लायंस क्लब और नेपाल स्काउट सहित कई संस्थाओं के साथ लगातार बात की जा रही है.
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में नुवाकोट का विदुर, रसुवा के उत्तरगया और गोसाइंकुण्ड, धादिङ के गजुरी, गल्छी, बेनीघाट, त्रिपुरासुन्दरी और सिद्धलेख और गोरखा के शहीद लखन और गण्डकी गांवपालिका शामिल हैं. सरकार ने इन क्षेत्रों के पीड़ित परिवारों तक तुरंत खाना, साफ पीने का पानी, दवाइयां और अस्थायी आवास पहुंचाने का भरोसा दिया है.
रातभर जारी रहेगा बचाव अभियान
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि बाढ़ में लापता लोगों की तलाश और तेज की जाएगी. घायलों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी भी जुटाई जा रही है. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान बुधवार रातभर भी जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली और पेयजल परियोजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर दोबारा बनाया जाएगा और विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर दोबारा बसाया जाएगा.
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प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वो अकेले नहीं हैं और राज्य अपने सभी साधनों और संसाधनों के साथ उनके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों के उद्धार, इलाज, भोजन और आवास की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी.
उन्होंने सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, युवा स्वयंसेवकों और आम नागरिकों से भी सरकार के राहत और बचाव अभियान में अपने स्तर से सहयोग करने की अपील की
पंकज दास