नेपाल में पिछले हफ्ते आई तबाही के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ में अब तक 1,344 लोगों की जान जा चुकी है. पिछले हफ्ते आई फ्लैश फ्लड ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई गांवों और कस्बों को बुरी तरह प्रभावित किया. कई इलाकों में अब भी मलबे और कीचड़ के बीच लोगों की तलाश जारी है.
मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी NDRF
तबाही के बीच सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों को ढूंढना है, जो अभी भी मलबे और कीचड़ के नीचे फंसे हो सकते हैं. इसी को देखते हुए भारत ने 11 सदस्यीय NDRF तकनीकी टीम नेपाल भेजी है. यह टीम स्थानीय बचाव दलों के साथ मिलकर उन जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है, जहां लोगों के दबे होने की आशंका है.
अधिकारियों के मुताबिक टीम को रस्सियों के जरिए बचाव और कीचड़ से भरी सुरंगों के अंदर लोगों की तलाश का अनुभव है. फिलहाल टीम रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्लांट में तैनात है.
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सीमा के पास से शुरू हुई तबाही
नेपाल में यह तबाही नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद आई बाढ़ से शुरू हुई थी. अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. 26 अगस्त की इस त्रासदी के बाद भारत लगातार नेपाल के राहत और बचाव अभियान में मदद कर रहा है.
1,344 मौतों का आंकड़ा भीषण तबाही की तस्वीर पेश करता है. किसी ने अपना घर खोया, तो किसी ने अपने परिवार को. बाढ़ का पानी उतरने और हालात सामान्य होने के बाद भी नेपाल के लोगों में इस तबाही का निशान लंबे समय तक बाकी रहेगा.
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