क्या अगले 48 घंटे में US-ईरान में सीजफायर होने जा रहा? ईरान ने मध्यस्थों को भेजा ये प्रस्ताव

मिडिल-ईस्ट जंग के बीच 45 दिन के सीजफायर पर बातचीत जारी है. ट्रंप की धमकियों और ईरान के सख्त रुख के बीच तनाव बढ़ा, कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं.

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ईरान-यूएस के बीच 45-दिन के सीजफायर की शर्तों पर चर्चा हो रही है. (Photos: Reuters, AP) ईरान-यूएस के बीच 45-दिन के सीजफायर की शर्तों पर चर्चा हो रही है. (Photos: Reuters, AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

मिडिल-ईस्ट में तनाव में भारी बढ़ोतरी के साथ जंग अपने 33वें दिन में प्रवेश कर चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी धमकियां तेज़ कर दी हैं, जबकि तेहरान ने इस पर तीखा जवाब दिया है. ऐसे में जंग खतरनाक रूप लेती जा रही है.

Axios ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों का एक ग्रुप 45 दिनों के संभावित संघर्ष-विराम की शर्तों पर चर्चा कर रहा है, जिससे जंग स्थायी रूप से रुक सकती है. 

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एक्सियोस ने बातचीत की जानकारी रखने वाले चार अमेरिकी, इज़रायली और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से यह बात कही है.

सीजफायर पर क्या बात हुई?

एक्सियोस में संवाददाता बाराक रविद की रिपोर्ट में कहा गया है कि दो फेज़ वाली डील की शर्तों पर बातचीत जारी है. पहले फेज़ में 45 दिन का संभावित सीज़फ़ायर होगा, जिसके दौरान युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की जाएगी. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरे फेज़ में युद्ध खत्म करने पर एक समझौता होगा. अगर बातचीत के लिए और वक्त की ज़रूरत हुई, तो सीज़फ़ायर बढ़ाया जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ईरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोलने या ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का सामना करने की उनकी डेडलाइन मंगलवार शाम है.

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पर्दे के पीछे क्या चल रहा?

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी, मिस्र और तुर्की के मीडिएटर के ज़रिए बातचीत हो रही है और ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भेजे गए टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए भी हो रही है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल के दिनों में ईरान को कई प्रपोज़ल दिए, लेकिन अभी तक ईरानी अधिकारियों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया है.

सूत्रों ने कहा कि मीडिएटर पार्टियों के साथ दो-फ़ेज़ वाली डील की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं. पहला फ़ेज़ संभावित 45-दिन का सीज़फ़ायर होगा, जिसके दौरान युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की जाएगी. एक सूत्र ने कहा कि अगर बातचीत के लिए और समय की ज़रूरत हुई तो सीज़फ़ायर बढ़ाया जा सकता है.
दूसरे फ़ेज़ में युद्ध खत्म करने पर एक एग्रीमेंट होगा.

सूत्रों ने कहा कि मीडिएटर सोचते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से फिर से खोलना और ईरान के बहुत ज़्यादा एनरिच्ड यूरेनियम का समाधान या तो इसे देश से हटाकर या डाइल्यूशन करके सिर्फ़ एक फ़ाइनल डील का नतीजा हो सकता है.

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होर्मुज़ को लेकर ईरान का सख्त रुख!

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 5 अप्रैल, रविवार को होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी जारी की है. आईआरजीसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि फारस की खाड़ी में नई सुरक्षा व्यवस्था बन रही है और यह अहम समुद्री रास्ता अब पहले जैसा नहीं रहेगा.

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर रविवार के दिन पलटवार की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर यह रास्ता नहीं खोला गया, तो मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा. होर्मुज़ पर ईरान के नियंत्रण के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

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