दुबई से इजरायल के तेल अवीव की ओर जा रही फ्लाइदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को हवा में दो पायलटों के बीच कथित झगड़े के कारण इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए. एक ऐसा कोड भेजा गया, जिसे हाईजैकिंग या विमान में किसी गैरकानूनी दखल का संकेत माना जाता है. विमान में लगभग 180 यात्री सवार थे. इजरायल सरकार ने इस मामले में साफ कहा है कि दोषियों को हत्यारे की तरह सजा मिलनी चाहिए.
इजरायली वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने इस मामले पर साफ कहा कि इजरायल नतीजे पर नहीं इरादे पर ध्यान देगा और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा, 'जिस किसी ने 180 इजराइलियों की हत्या करने की कोशिश की, उसे हत्यारे की तरह सजा मिलनी चाहिए.' उनका साफ कहना है कि जो भी इस घटना के पीछे होगा चाहे वह कोई देश हो या आतंकी संगठन हो, उसे हत्यारे की तरह सजा मिलेगी.
उन्होंने यात्रियों की सलामती के लिए ईश्वर का शुक्रिया अदा किया है. साथ ही उन्होंने इस बात को दोहराया है कि इजरायल अपने दुश्मनों का पीछा करेगा और उन्हें नष्ट करके रहेगा.
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'तेल अवीव जाने वाली फ़्लाईदुबई की फ्लाइट्स को रोकें'
इजरायल के ट्रांसपोर्ट मंत्री रेगेव ने फ्लाईदुबई की फ़्लाइट्स रोकने और UAE एविएशन एग्रीमेंट की जांच की मांग की है.
हिब्रू मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट मंत्री मिरी रेगेव ने दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ़्लाईदुबई के सभी विमानों को रोके जाने की मांग की है. यह मांग आज सुबह की घटना के बाद हुई है.
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खबरों के मुताबिक, रेगेव ने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से संयुक्त अरब अमीरात ने इजरायल के साथ हुए एविएशन एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है या नहीं इसकी जांच करने को कहा है. बता दें, इस एग्रीमेंट के तहत, सिर्फ उन्हीं देशों के पायलट इजरायल में लैंड कर सकते हैं जिनके इजरायल के साथ कूटनीतिक संबंध हैं.
फ्लाइट में क्या हुआ था?
बता दें, दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में ऐसी घटना हुई. बोइंग 737 मैक्स 8 विमान ने सबसे पहले 77000 स्क्वॉक कोड भेजा. यह सामान्य इमरजेंसी का संकेत है. इसके लिए कुछ ही सेकंड बाद विमान से 7500 कोड भेजा गया. यह कोड हाईजैकिंग या विमान में किसी तरह के गैरकानूनी हस्तक्षेप की आशंका को दर्शाता है. इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया और आखिर में उसने सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की.
इजरायली मीडिया के मुताबिक, इमरजेंसी सिग्नल किसी बाहरी हाईजैकिंग की वजह से नहीं, बल्कि दोनों पायलटों के बीच हुए कथित झगड़े के बाद भेजे गए थे. शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पायलट और को पायलट के बीच कॉकपिट में हिंसक झड़प हुई थी.
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में मौजूद एक पायलट ने कथित तौर पर सुसाइड करने की कोशिश की. दावा किया गया है कि उसने करीब 30 हजार फीट की ऊंचाई से विमान को तेज गति से नीचे लाने की कोशिश की. वहीं, दूसरे पायलट ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद यह संघर्ष हुआ. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.
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