इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले की तीसरी बरसी पर बुधवार को देशभर में कई स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. यह कार्यक्रम उन लोगों को याद करने के लिए हो रहे हैं, जो हमले में मारे गए थे. पिछले साल गाजा में युद्धविराम शुरू होने के बाद पहली बार इस हमले की बरसी मनाई जा रही है. इस बीच इजरायल ने अपनी सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा है.
7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में फिलिस्तीनी लड़ाकों ने गाजा से इजरायल की सीमा पार की थी. बंदूक, रॉकेट और ग्रेनेड से किए गए हमलों में 1,221 लोगों की मौत हुई थी. आधिकारिक इजरायली आंकड़ों पर आधारित AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे, जिनमें से 44 की मौत हो चुकी थी.
यह भी पढ़ें: फ्रांस में हिंसा से डरे यहूदी, तोड़फोड़-आगजनी के बीच इजरायल ने पलायन के लिए शुरू की तैयारी
सुबह 6:29 बजे किबुत्ज कफर अजा में कार्यक्रम
हमले के ठीक तीन साल बाद बुधवार सुबह 6:29 बजे किबुत्ज कफर अजा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया है. इसी समय 7 अक्टूबर 2023 को हमला शुरू हुआ था. गाजा सीमा के पास स्थित इस किबुत्ज में हमास के हमले के दौरान 64 लोगों की मौत हुई थी और 18 लोगों को बंधक बनाकर ले जाया गया था.
दक्षिणी इजरायल में नोवा म्यूजिक फेस्टिवल की जगह पर भी कार्यक्रम होगा. यहां हमले के दौरान 370 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोगों को बंधक बनाया गया था. इसके अलावा मृतकों के परिवार तेल अवीव के एक पार्क में बुधवार शाम जुटेंगे.
चुनाव से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई
इन कार्यक्रमों के बीच इजरायल में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. आम चुनाव में अब करीब तीन हफ्ते का वक्त बचा है और 7 अक्टूबर का हमला चुनावी चर्चा का बड़ा मुद्दा बना हुआ है.
इजरायल के रक्षा मंत्री ने मंगलवार को कहा कि हमास की तरफ से गाजा में मौजूद इजरायली सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश की खुफिया जानकारी मिली है. इसके बाद सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि गाजा में हमास का शासन नहीं होगा. उन्होंने 7 अक्टूबर के हमले में शामिल लोगों और बंधकों को पकड़ने वालों को निशाना बनाने की बात भी दोहराई.
यह भी पढ़ें: कहां है वो इजरायली एयरपोर्ट जहां प्लेन क्रैश कराना चाहता है आतंकी को-पायलट हम्मामी
तीन साल की जंग में गाजा तबाह
7 अक्टूबर के हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 74,200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र भी इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है.
तीन साल में इजरायल ने लेबनान के हिज्बुल्लाह और ईरान समेत कई मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई की. गाजा में युद्धविराम के बावजूद हालात बेहद खराब हैं और सैकड़ों हजार लोग अब भी टेंट और अस्थायी ठिकानों में रहने को मजबूर हैं. इजरायल का कहना है कि उसके पास गाजा के 60 फीसदी से ज्यादा हिस्से का नियंत्रण है और हमास से जुड़े खतरों के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी रहेगी.
aajtak.in