इजरायल में संसदीय चुनाव की हलचल तेज है. 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में वोट डालने के लिए लगभग 67 हजार इजरायली विदेशों से वापस आ रहे हैं. इनमें से कई लोग सिर्फ एक दिन के लिए मतदान करने के लिए हजारों किलोमीटर का सफर तय करके आ रहे हैं.
तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले लोग कोई पर्यटक या मेहमान नहीं हैं. वे इजरायल में खास तौर पर चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए अपने घर लौट रहे हैं. इजरायल में विदेशों में रहने वाले नागरिकों को डाक या ऑनलाइन माध्यम से वोट डालने की अनुमति नहीं है. राजनयिकों और कुछ आधिकारिक प्रतिनिधियों को छोड़कर बाकी सभी नागरिकों को अपना वोट डालने के लिए इजरायल में खुद रहना जरूरी है.
इस बार संख्या काफी बड़ी होने की उम्मीद है. अमेरिका के एक समूह के अनुमान की मानें तो मंगलवार को होने वाले चुनाव के लिए करीब 67,000 इजरायली अपने देश लौट रहे हैं. इनमें से लगभग आधे लोग अमेरिका से आ रहे हैं, जबकि बाकी लोग यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के अन्य हिस्सों से मतदान करने के लिए इजरायल लौट रहे हैं. इनमें से ज्यादातर लोग अपनी यात्रा का खर्च खुद उठा रहे हैं.
आजतक की टीम ने जब हवाई अड्डे पर लोगों से बात की तो कई लोग चुनाव को लेकर काफी उत्साहित नजर आए. अजरबैजान और एशिया के अन्य हिस्सों से इजरायली चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने आ रहे हैं.
क्यों मायने रखते हैं उनके वोट
इजरायल के चुनावों में इस कड़े मुकाबले के बीच विदेशों में रह रहे इजरायली नागरिकों की वापसी काफी अहम साबित हो सकती है. इजरायल में 73 लाख से ज्यादा मतदाता हैं और अगर इजरायली पोल्स की मानें तो वहां मुकाबला टक्कर का है. ऐसे में, इन नागरिकों का वोट निर्णायक साबित हो सकता है.
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विश्लेषकों का कहना है कि विदेशों में रहने वाले इजरायली अक्सर राजनीतिक बदलाव के पक्ष में रहते हैं. राजनीतिक दल भी इस स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं. आरोप है कि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने उस अभियान को रोकने की कोशिश की, जिसका मकसद विदेश में रह रहे इजरायलियों को वोट डालने के लिए देश वापस लाना था.
यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब 2022 के बाद से रिकॉर्ड संख्या में इजरायलियों ने देश छोड़ा है. अब विदेशों में रहने वाले हजारों इजरायली वापस लौट रहे हैं. उनका मकसद छुट्टियां मनाना या घूमना नहीं, बल्कि देश के लिए सत्ता तय करने वाले चुनाव में हिस्सा लेना है.
बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले कई लोगों के लिए यह एक कड़े मुकाबले वाले चुनाव में सीधे भाग लेने का मौका है.
प्रणय उपाध्याय