ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने विदेशी सैन्य बलों को अरब सागर से बाहर खदेड़ने की चेतावनी दी है. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए युद्धविराम शर्तों को मानने से इनकार कर दिया था. ऐसे में, मोजतबा ने दावा किया है कि ईरानी सेना ने पहले ही दुश्मनों को देश के दक्षिणी तट के पास समुद्री इलाकों में पीछे हटने को मजबूर कर दिया है.
इरानी मीडिया ने सोमवार को एक लिखित बयान जारी किया. इस बयान के मुताबिक, मोजतबा ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं टकराव के लिए तैयार हैं. साथ ही, उन्होंने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को राष्ट्रीय प्रतिरोध का एक अहम केंद्र बताया.
मोजतबा का कहना है कि कुछ लोग ईरान को दुनिया की चौथी महाशक्ति के तौर पर देखते हैं. उनके मुताबिक, आज दुश्मन सेनाओं की अरब सागर से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं होती. उन्होंने कहा कि वह दिन भी जल्द आएगा जब अरब सागर से उनकी मौजूदगी ही पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
'जल्द ही अरब सागर पूरी तरह खाली होगा'
ईरान के सर्वोच्च नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है. मोजतबा ने दावा किया कि ईरानी सेनाओं ने देश के आस-पास के समुद्री इलाकों में अपने दुश्मनों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. उनका कहना है कि पहले विदेशी सेनाएं ईरान के दक्षिणी समुद्रों में सक्रिय थीं लेकिन अब उन्हें पीछे धकेल दिया गया है.
यह भी पढ़ें: ब्रिटेन में US बेस के पास पकड़े गए 5 लोग कौन? क्या है ईरान कनेक्शन, ट्रंप बोले- बड़ा नुकसान करने की तैयारी में थे
उन्होंने कहा, "ईरान के दो दक्षिणी समुद्र कभी दुश्मन सेनाओं के घूमने-फिरने की जगह हुआ करते थे. लेकिन आज, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के योद्धाओं और रक्षकों से मिली करारी चोटों के कारण, वे अरब सागर से आगे नहीं बढ़ पाते. जब भी उन्होंने इस खतरे का सामना करने की हिम्मत की है, उन्हें खुद ही नुकसान उठाना पड़ा है. और जल्द ही, अरब सागर भी उनसे पूरी तरह खाली हो जाएगा."
होर्मुज को लेकर तनाव
मोजतबा ने साफ कहा कि अलग-अलग जातीय और सामाजिक बैकग्राउंड वाले ईरानी लोग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर देश के रुख के साथ खड़े हैं. मोजतबा का यह संदेश न्यूयॉर्क में UN महासभा के 81वें सत्र के कुछ दिनों बाद आया है. कुछ दिनों पहले अमेरिका ने ईरान के युद्धविराम की शर्तों को ठुकरा दिया है. अमेरिका और ईरान में होर्मुज खोलने को लेकर तनाव बना हुआ है.
aajtak.in