ईरान भी कर रहा युद्ध की तैयारी! खामेनेई बोले- हम समंदर में ही डुबो देंगे अमेरिकी जंगी बेड़ा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जहां ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी युद्धपोतों को तबाह करने की चेतावनी दी है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है, जिसमें 50 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं.

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ईरान की अमेरिका की चेतावनी. (Photo- ITG) ईरान की अमेरिका की चेतावनी. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • तेहारन,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:22 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी जंगी बेड़ा तो तबाह कर सकते हैं. वहीं, ईरान के इस बयान से सप्ष्ट हो गया है कि वो भी युद्ध की तैयारी कर रहा है और अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा.

दरअसल, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी अचानक बढ़ते हुए पिछले 24 घंटे में 50 से अधिक लड़ाकू विमानों की तैनाती की.

डिपेंडेंट फ़्लाइट-ट्रैकिंग डेटा और मिलिट्री एविएशन मॉनिटर्स के अनुसार, एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान मध्य पूर्व की ओर बढ़ते देखे गए हैं. इनके साथ कई हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी सेना लंबे वक्त तक सैन्य अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. इससे पहले ट्रंप ने ऐलान किया था कि उन्होंने अमेरिकी सेना के कई उन्नत युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट भेज दिया है.

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खामेनेई की अमेरिका को चेतावनी

ट्रंप के इसी बयान पर पलटवार करते हुए खामेनेई ने सोशल मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें अमेरिका के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को पानी के नीचे डूबा हुआ दिखाया गया है. साथ में एक कब्र का प्रतीक चिह्न लगा हुआ है.

'युद्धपोत से ज्यादा खतरनाक होता है हथियार'

खामेनेई ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों पर तंज कसते हुए लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार कहते हैं कि उन्होंने ईरान की ओर एक युद्धपोत भेजा है. बेशक, युद्धपोत एक खतरनाक सैन्य हार्डवेयर है, लेकिन उस युद्धपोत से भी अधिक खतरनाक वह हथियार है जो उस जहाज को समुद्र में डुबो सकता है. खामनेई का ये बयान ईरान की रक्षा क्षमताओं और उसकी जवाबी कार्रवाई की तैयारी को दिखा रहा है.

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वहीं, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस तरह की बयानबाजी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इशारों में अपनी एंटी-शिप मिसाइल प्रणालियों की ताकत का जिक्र किया है. अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों की तैनाती को ईरान एक बड़ी चुनौती के रूप में देख रहा है, जिसके जवाब में उसने अब सार्वजनिक रूप से युद्धपोतों को नष्ट करने का डर दिखाया है. फिलहाल दोनों ओर से तनाव चरम पर है.

जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता

आपको बता दें कि ओमान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच मंगलवार को तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता हुई, इस वार्ता को ईरानी विदेश मंत्री ने सकारात्म बताया और कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है और आगे की बैठक को लेकर भी बातचीत हुई है. हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है, पर राष्ट्रपति द्वारा तय की गई कुछ रेड लाइन्स को ईरान स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.

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