भारत-चीन के रिश्ते कुछ साल पहले की तुलना में आज बेहतर: जयशंकर

भारत और चीन के रिश्तों में लंबे तनाव के बाद अब सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि सीमा पर स्थिति सामान्य होने के साथ दोनो देशों के संबंध भी बेहतर हुए हैं. उन्होने कहा कि तनाव किसी के हित में नहीं है और बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत अपने हितों के अनुसार नए साझेदार और रास्ते तलाश रहा है.

Advertisement
एस जयशंकर एशिया सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान  (Photo: X/@DrSJaishankar) एस जयशंकर एशिया सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान (Photo: X/@DrSJaishankar)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि कुछ साल पहले की तुलना में इस समय भारत और चीन के रिश्ते बेहतर हैं. उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े विवादों में सुधार के साथ दोनों देशों के संबंध भी धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. जयशंकर ने यह बात एशिया सोसाइटी में आयोजित एक बातचीत के दौरान कही. 

भारत-चीन संबंधो पर सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि अगर 2025 की तुलना आज की स्थिति से की जाए तो रिश्ते बेहतर हैं और 2024 के मुकाबले और ज्यादा सुधार दिखाई देता है. उन्होने कहा कि यह कोई बड़ा ढांचागत बदलाव नहीं है, बल्कि 2020 के बाद रिश्तों में आई गिरावट के बाद स्थिरता लौटने का असर है. 

Advertisement

जयशंकर ने कहा कि 2020 में सीमा पर शुरू हुए लंबे गतिरोध का दोनों देशों के संबंधों पर काफी असर पड़ा था. इस दौरान व्यापार जारी रहा, लेकिन दोनों देशों के बीच सामान्य संपर्क प्रभावित हुआ. अधिकारिक बातचीत, वीजा जारी करने और उड़ानों जैसी व्यवस्थाओं पर भी इसका असर पड़ा. 

क्या दोनों देशों के तनाव में तीसरे पक्ष को फायदा?

विदेश मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे सीमा पर स्थिति सामान्य हुई, वैसे-वैसे दोनों देशों के संबंधों में भी सुधार शुरू हुआ. उन्होनें कहा कि भारत लंबे समय से चीन को यह समझाने की कोशिश करता है कि दोनों देशों के बीच तनाव किसी के हित में नहीं है. उनके मुताबिक, भारत की कोशिश ऐसी स्थिति से बचने की रही है, जिससे किसी तीसरे पक्ष को फायदा मिले. 

क्या सीमा की स्थिति से रिश्तों पर असर?

Advertisement

जयशंकर ने कहा कि सीमा की स्थिति ही दोनों देशों के रिश्तों की स्थिति तय करती है. अगर सीमा पर तनाव बना रहेगा तो रिश्तों को सामान्य नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों के लिए फायदेमंद है. इस दौरान जयशंकर ने वैश्विक राजनीति में हो रहे बदलावों पर भी बात की. 

क्या दुनिया तेजी से मल्टीपोलर व्यवस्था की तरफ बढ़ रही है?

उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से मल्टीपोलर व्यवस्था यानी जहां किसी एक या दो देशों के पास पूरी दुनिया की ताकत नहीं होती, बल्कि कई सारे देशों के पास बराबर की शक्ति होती है, की ओर बढ़ रही है. उनके मुताबिक, अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा के साध-साध बातचीत भी जारी है और ऐसे माहौल में दुसरे देश अपने हितों के अनुसार नए साझेदार और नए रास्ते तलाश रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: विदेश मंत्री एस जयशंकर का अमेरिका दौरा, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर करेंगे चर्चा

उन्होने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देश जोखिम कम करने, साझेदारी बढ़ाने और नए समझौते करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी प्रक्रिया से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहा है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »