फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश कराने की साजिश की जांच शुरू हो गई है. इस मामले में को-पायलट की पहचान कर ली गई है. को-पायलट ओमान का नागरिक हमाम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर अल-कायदा से जुड़े आतंकियों की तस्वीरें मिली हैं.
इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. सोशल मीडिया पर अल-कायदा के आतंकियों की तस्वीर, कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाने के आरोप, बेहद धार्मिक विचार और ओमान एयर में विवादित कार्यकाल जैसी जानकारियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर वह इजरायल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा.
अल अरबिया ने सूत्रों के हवाले से को-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में की है. आरोप है कि उसने इसी सप्ताह फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था. इसे विमान पर कब्जा करने और उसे क्रैश करने की कथित कोशिश बताया जा रहा है.
कौन है को-पायलट हमाम अल-हम्मामी?
अल अरबिया के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी के पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं. CBS News और CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने अपने जीवन का ज्यादातर समय यूएई में बिताया. हालांकि, ओमान सरकार ने आधिकारिक तौर पर उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं की है. रिपोर्ट्स में यह भी आशंका जताई गई कि अल-हम्मामी के पास दोहरी नागरिकता हो सकती है. अगर ऐसा है तो इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि उसे इजरायल जाने वाली फ्लाइट में पायलट के तौर पर काम करने की अनुमति कैसे मिली.
ओमान और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं. 2020 में इजरायल और UAE के बीच संबंध सामान्य करने वाले अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत उन देशों के पायलटों को तेल अवीव की उड़ान संचालित करने की अनुमति नहीं है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं.
ओमान एयर में भी विवादों में रहा
फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने पहले शामिल होने से पहले अल-हम्मामी ने सरकारी एयरलाइन ओमान एयर और मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन रॉयल एयर मारोक में काम किया था. ओमान एयर में काम करने के दौरान उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर उस पर नजर गई थी. यह भी पाया गया था कि वह कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाता था. उसकी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ने के बाद ओमान एयर ने उसे उड़ान की जिम्मेदारियों से हटा दिया और ऑफिस का काम सौंप दिया था.
हालांकि, डेस्क ड्यूटी उसे ज्यादा पसंद नहीं आई और उसने करीब 2025 में ओमान एयर छोड़ दिया. हमाम अल-हम्मामी नाम के एक LinkedIn प्रोफाइल में दावा किया गया है कि उसने ओमान एयर में सात साल तक काम किया था. इसके बाद जून 2025 में वह रॉयल एयर मारोक से जुड़ा और जनवरी 2026 में वहां से अलग हो गया. हालांकि, इस प्रोफाइल में फ्लाईदुबई में काम करने का कोई जिक्र नहीं है.
आजतक/इंडिया टुडे स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं करते हैं कि यह LinkedIn प्रोफाइल 30 सितंबर की घटना में शामिल को-पायलट का ही था. हालांकि, प्रोफाइल में दिया गया समय उसके फ्लाईदुबई में काम करने के टाइम पीरियड से मेल खाता है. अल-हम्मामी के एक सहयोगी ने इजरायल के Channel 16 को बताया कि उसने करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई जॉइन की थी. इस हिसाब से उसने लगभग फरवरी 2026 में एयरलाइन जॉइन की होगी.
'महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था'
अल-हम्मामी के एक सहयोगी पायलट ने दावा किया कि वह 'बेहद कट्टर' था. उसने यह भी दावा किया कि अल-हम्मामी महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था. The Times of Israel ने भी इस बारे में रिपोर्ट किया है. इन तमाम जानकारियों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि ओमान एयर में उसकी गतिविधियों और कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले से चिंताएं होने के बावजूद वह फ्लाईदुबई में कैसे शामिल हुआ और इजरायल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा.
प्लेन क्रैश कराने का था प्लान
बता दें कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 को क्रैश करने की कोशिश के मामले में नया दावा सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, को-पायलट ने जांच कर रहे अफसरों को बताया है कि उसका इरादा विमान को इजरायल में क्रैश करने का था. इससे पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक, को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) के रूप में हुई है.
उस पर फ्लाइट के कैप्टन को चाकू मारने और विमान को तेजी से जमीन की ओर ले जाने का आरोप है. यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने को-पायलट को काबू में कर लिया था, जबकि फ्लाइट में मौजूद रिजर्व पायलटों ने विमान को संभालकर सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कराया था.
आरोपी को-पायलट पर कट्टरपंथी विचारधारा का होने का शक पहले से था. इसी वजह से ओमान ने पहले ही उसके विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. प्रतिबंध के बावजूद को-पायलट को फ्लाईदुबई ने नौकरी पर रख लिया और वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इजरायल को जोड़ने वाले संवेदनशील रूट पर विमान उड़ाने लगा.
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ओमान ने को-पायलट को लेकर अपनी चिंताओं की जानकारी दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ साझा की थी या नहीं. उसके कथित कट्टरपंथ की प्रकृति के बारे में भी जानकारी सामने नहीं आई है.
UAE कर रहा मामले की जांच
इस पूरे मामले की जांच UAE के नेतृत्व में की जा रही है. UAE के एक प्रवक्ता ने ओमान में हमलावर के पिछले रिकॉर्ड पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. प्रवक्ता ने कहा कि जांच के नतीजे को लेकर पहले से कोई निष्कर्ष निकालने या जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप से बचने के लिए इस पर टिप्पणी नहीं की जाएगी. वहीं, फ्लाईदुबई और ओमान सरकार की ओर से इस संबंध में मांगी गई प्रतिक्रिया का जवाब नहीं दिया गया.
UAE के शासक के एक वरिष्ठ सलाहकार और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 को कथित तौर पर क्रैश करने की कोशिश को आतंकवाद बताया. नेतन्याहू ने कहा, 'हमलावर इस्लामिक कट्टरपंथ की ओर बढ़ा था. वह विमान में सवार यात्रियों को लेकर विमान क्रैश करने आया था.' नेतन्याहू ने कहा कि फ्लाइट में क्या हुआ था, इसकी तस्वीर अब और साफ होती जा रही है. उन्होंने हमलावर के ओमानी नागरिक होने की बात कही, हालांकि उसकी पहचान से जुड़ी अन्य जानकारियां अभी स्पष्ट नहीं हैं.
इजरायल इस बात की भी जांच कर रहा है कि को-पायलट ने अकेले इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की या उसके साथ दूसरे लोग भी जुड़े हुए थे.
एविएशन सिक्योरिटी पर उठे सवाल
एविएशन सिक्योरिटी एनालिस्ट्स ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक बताया है. उनका कहना है कि स्क्रीनिंग में हुई किसी गलती की वजह से हथियार विमान तक पहुंच सकता है, लेकिन किसी हमले के लिए प्रेरित व्यक्ति की पहचान एयरपोर्ट पहुंचने से काफी पहले हो जानी चाहिए थी.
कैप्टन को चाकू मारकर विमान को नीचे ले गया को-पायलट
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट 1073 बुधवार सुबह उस समय दुर्घटनाग्रस्त होने के बेहद करीब पहुंच गई, जब कथित हमलावर ने कैप्टन को चाकू मार दिया और विमान को तेजी से जमीन की ओर ले जाने लगा. विमान पर मौजूद लोगों के मुताबिक, स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि विमान के लगभग टूटने का खतरा पैदा हो गया था.
बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहा. इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के एक समूह ने कथित हमलावर को काबू कर लिया. फ्लाइट में मौजूद दो रिजर्व पायलटों ने विमान को संभाला और उसे सुरक्षित उतारने में कामयाबी हासिल की. विमान ने सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग की. कैप्टन और को-पायलट दोनों को गुरुवार को सऊदी अरब से UAE ले जाया गया. इजरायल को उम्मीद है कि उसके अधिकारी कथित हमलावर से पूछताछ कर सकेंगे.
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