फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट पर हमला करने वाले ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के खिलाफ UAE सबसे कड़ी कार्रवाई चाहता है. इजरायली न्यूज आउटलेट Ynet के मुताबिक UAE की मांग है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, जिसमें मौत की सजा भी शामिल हो सकती है. मामले की जांच में कई इजरायली अधिकारी भी UAE की मदद कर रहे हैं.
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में 170 से ज्यादा लोग सवार थे. उड़ान के दौरान हमामी ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर कॉकपिट के क्रैश एक्स से हमला किया और विमान को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की. यात्रियों और क्रू ने उसे रोकने की कोशिश की, जबकि दूसरे पायलटों ने विमान को संभालने में मदद की. इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी.
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पूछताछ में बोला- विमान क्रैश करना चाहता था
UAE ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है. 29 साल का हमामी पहले सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया और फिर पूछताछ के लिए UAE लाया गया. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब में पूछताछ के दौरान हमामी ने जांचकर्ताओं से कहा था कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था और उसे मौत का डर नहीं था. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या सीरिया में रहने के दौरान वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ था. उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच हो रही है.
ओमान एयर ने पहले ही उड़ान से हटा दिया था
हमामी फ्लाईदुबई में आने से पहले ओमान एयर में काम करता था. मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, अधिकारियों को उसकी ऑनलाइन गतिविधियों में कट्टरपंथी वेबसाइटों के प्रति दिलचस्पी का पता चला था. इसके बाद ओमान एयर ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया. उसे डि-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम से गुजारा गया और फिर डेस्क जॉब दे दी गई.
इसके बाद हमामी ने दूसरी एयरलाइंस में नौकरी की कोशिश की. बताया गया है कि उसने 2025 में रॉयल एयर मैरोक में भी नौकरी हासिल करने की कोशिश की थी. आखिरकार फरवरी 2026 में उसे फ्लाईदुबई में नौकरी मिल गई. अब जांच का अहम सवाल यही है कि पिछली चिंताओं के बावजूद वह दोबारा कॉकपिट तक कैसे पहुंचा.
सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के घेरे में
जांचकर्ता हमामी के पुराने सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन गतिविधियों को भी खंगाल रहे हैं. उसका डिलीट किया गया X अकाउंट इंटरनेट आर्काइव पर मौजूद है और उसमें 3 हजार से ज्यादा पोस्ट के स्क्रीनशॉट उपलब्ध बताए जा रहे हैं. इन पोस्ट में महिलाओं के काम करने का विरोध और पर्दा करने वाली धार्मिक महिलाओं को लेकर उसकी पसंद से जुड़ी सामग्री भी बताई गई है. इसके अलावा एविएशन से जुड़े पोस्ट और वीडियो भी जांच के दायरे में हैं. कुछ तस्वीरों का संबंध अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी और संगठन से जुड़े एक अन्य व्यक्ति से बताया गया है. हालांकि, इंडिया टुडे ने इन अकाउंट्स या सामग्री के हमामी से जुड़े होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है.
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दोबारा पायलट बनने पर उठे सवाल
हमामी ने UAE में एविएशन की पढ़ाई की थी और बाद में इंग्लैंड की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से एविएशन मैनेजमेंट का रिमोट लर्निंग कोर्स भी पूरा किया था. वह अपनी पहली सोलो फ्लाइट और यात्रियों वाले विमान को लैंड कराने के अनुभव के बारे में भी पोस्ट कर चुका था.
अब जांच सिर्फ 30 सितंबर की घटना तक सीमित नहीं है. अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि ओमान एयर की पुरानी कार्रवाई के बावजूद हमामी को दोबारा फ्लाइंग ड्यूटी कैसे मिली. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक UAE पायलटों की भर्ती के दौरान आम तौर पर कड़ी सुरक्षा जांच करता है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि फ्लाईदुबई ने हमामी की भर्ती से पहले कितनी गहराई से वेटिंग की थी.:::
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