अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है. ट्रंप ने ईरान को चेताते हुए कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोले. अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका बड़ा खामियाजा ईरान को भुगतना पड़ सकता है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान की नई और अधिक तर्कसंगत सरकार के साथ हम बातचीत कर रहे हैं. ईरान के साथ हमारी बातचीत जारी है. लेकिन अगर ईरान के साथ जल्द कोई सहमति नहीं बनी और अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया तो हम ईरान के तेल के कुएं उड़ा देंगे. ईरान के बिजली संयंत्र और अन्य प्रमुख सैन्य ठिकाने नष्ट कर देंगे.
उन्होंने कहा कि समंदर के खारे पानी को पीने लायक बनाने के लिए ईरान के जो डीसैलिनेशन प्लांट हैं. हम उन्हें भी निशाना बनाएंगे. ट्रंप ने कहा कि अभी तक इन संयंत्रों को हमने जानबूझकर टारगेट नहीं किया है लेकिन जल्द ही इन्हें भी निशाना बनाया जाएगा.
ट्रंप ने कहा कि ईरान के हमले में अमेरिका के जिन सैनिकों को मारा गया है. उसका खामियाजा भी तेहरान को भुगतना पड़ेगा. इतना ही नहीं ट्रंप ने ईरान के तेल कुओं के साथ-साथ खार्ग आइलैंड को भी उड़ा देने की बात कही है. बता दें कि बीते हफ्ते ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका दस दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले नहीं करेगा.
वहीं, ईरान का आरोप है कि इजरायल ने कुवैत के डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है. ईरान ने कहा कि हमें बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया है. यह इजरायल की क्रूर कार्रवाई है, जिसके गंभीर नतीजे होंगे.
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन उसकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं. बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है, जबकि अमेरिका बार-बार अपनी स्थिति बदल रहा है. ईरान ने यह भी कहा कि उसे पूरी तरह पता है कि वह किस ढांचे में बातचीत पर विचार करेगा.
इस बीच स्पेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. इसके साथ ही, मिलिट्री बेस के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है. स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गारीटा रोब्लेस ने कहा कि देश ना तो अपने एयरस्पेस और न ही सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान के लिए करने देगा.
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