सीरिया में साल का सबसे घातक हमला, 53 लोगों की मौत, ISIS पर आरोप

सीरिया में साल का सबसे बड़ा घातक हुआ है. ISIS के इस हमले में 53 लोग मारे गए. स्टेट टीवी के मुताबिक, पूर्वी रेगिस्तान में अल-सोखना शहर के साउथ वेस्ट में हमले में 53 लोगों की मौत हो गई. इनमें 46 नागरिक और सात सैनिक शामिल हैं.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:48 AM IST

सीरिया में शुक्रवार को घात लगाकर किए गए हमले में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई, जिसके लिए ISIS को जिम्मेदार ठहराया गया है. स्टेट मीडिया ने बताया कि ये बीते एक साल में जिहादियों द्वारा किया गया सबसे घातक हमला है. 

स्टेट टीवी ने बताया होम्स के पूर्व रेगिस्तान में अल-सोखना शहर के साउथ-वेस्ट में ISIS के आतंकवादियों के हमले में 53 लोगों की मौत हो गई. पालमायरा अस्पताल के निदेशक वालिद ऑडी ने कहा कि मारे गए लोगों में 46 नागरिक और सात सैनिक थे. वालिद ऑडी ने सरकार समर्थक रेडियो स्टेशन को बताया कि दर्जनों लोगों को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद शवों को अस्पताल लाया गया था. ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी शुक्रवार को हमले की सूचना दी थी. 

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शुक्रवार को यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि एक छापे के दौरान एक विस्फोट में चार अमेरिकी सैन्यकर्मी घायल हो गए, जिसमें सीरिया में एक वरिष्ठ ISIS नेता की मौत हो गई. इसमें कहा गया है कि ISIS नेता मारा गया, जिसकी पहचान हमजा अल-होम्सी के रूप में हुई है. जबकि अमेरिकी सैनिकों और एक कुत्ते का इलाज इराक में एक अमेरिकी चिकित्सा सुविधा में किया जा रहा था. हाल के वर्षों में सीरिया के मध्य, उत्तरपूर्वी और पूर्वी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों को निशाना बनाया गया है. 

बीते सप्ताह हुआ था कई लोगों का अपहरण

सीरिया में जमीनी स्रोतों के व्यापक नेटवर्क पर निर्भर ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि इसी तरह के हमले में बीते शनिवार को सोलह लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे. ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि हमले में दर्जनों अन्य लोगों का अपहरण कर लिया गया था, जिनमें से 25 को रिहा कर दिया गया था, लेकिन अन्य का पता नहीं चल पाया है. 

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दो साल पहले किया था 19 लोगों का अपहरण

अप्रैल 2021 में चरमपंथी समूह ने हामा प्रांत के पूर्वी ग्रामीण इलाकों में 19 लोगों का अपहरण कर लिया, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे. मार्च 2019 में अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा समर्थित एक सैन्य हमले के बाद जिहादियों ने अपना आखिरी क्षेत्र खो दिया. तब से उन्होंने पड़ोसी इराक में बढ़ते हमलों को जारी रखते हुए कुर्द नेतृत्व वाली सेना और सीरियाई सरकारी सैनिकों पर घात लगाने के लिए रेगिस्तान के ठिकानों का इस्तेमाल किया है. सीरियाई और रूसी हेलीकॉप्टरों ने ISIS के रेगिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले करना जारी रखा है. 

सीरिया और इराक में एक्टिव हैं आतंकी

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि असफलताओं के बावजूद, जिहादी समूह ने "स्थिर गति से हमले शुरू करने की अपनी क्षमता को बनाए रखा है." यूएन का अनुमान है कि इराक और सीरिया में ISIS के छह हजार और 10 हजार लड़ाके हैं. ये दोनों देशों के बीच झरझरा सीमा का फायदा उठाते हैं और मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करते हैं.  

 

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