'नहीं चाहते यमन-लाल सागर तक पहुंचे जंग', ईरान में जंग खत्म को लेकर चीन सख्त, अमेरिका से की अपील

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची वांग यी से बातचीत के लिए बीजिंग पहुंचे, जहां चीन ने अमेरिका और ईरान से टकराव कम करने की अपील की. बीजिंग ने साफ कहा कि तनाव यमन और लाल सागर तक नहीं बढ़ना चाहिए और वॉशिंगटन-तेहरान को बाकी मुद्दों पर गंभीर बातचीत फिर से शुरू करनी चाहिए.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची बीजिंग दौरे पर हैं. (Photo- ITG) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची बीजिंग दौरे पर हैं. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन ने दोनों देशों से बातचीत का रास्ता फिर शुरू करने की अपील की है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची बीजिंग पहुंच गए हैं. यहां वह चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत करेंगे. अराघची और वांग यी की यह मुलाकात ऐसे वक्त हो रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर चीन ने चिंता जताई है.

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चीन ने कहा है कि वह क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ते हुए नहीं देखना चाहता. चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बयान के मुताबिक, चीन नहीं चाहता कि तनाव आगे बढ़कर यमन और लाल सागर तक पहुंचे. उन्होंने अमेरिका और ईरान दोनों से अपने रुख में संयम बरतने और आगे टकराव से बचने की अपील की.

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वांग यी ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान को लंबित मुद्दों पर गंभीर बातचीत करनी चाहिए. चीन ने दोनों देशों से बातचीत का ढांचा फिर तैयार करने की अपील की है. इसके लिए उन्होंने इस्लामाबाद में हुए समझौते के बाद बनी सहमति के आधार पर बातचीत आगे बढ़ाने की बात कही.

जंग किसी के भी पक्ष में नहीं- चीनी विदेश मंत्री

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चीन के मुताबिक, अमेरिका और ईरान दोनों को तर्कसंगत तरीके से काम करना चाहिए और संयम बरतना चाहिए. वांग यी ने चेतावनी दी कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच लगातार जारी जंग किसी भी पक्ष के हित में नहीं है.

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अराघची और वांग यी की मुलाकात इससे पहले पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स समिट के दौरान भी हुई थी. दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते भी काफी अहम हैं. चीन ईरान के सबसे बड़े आर्थिक साझेदारों में शामिल है और ईरान के तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा चीन खरीदता है.

अब अराघची का बीजिंग दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब चीन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को बातचीत के जरिए कम करने पर जोर दे रहा है. चीन ने साफ कहा है कि दोनों देशों को टकराव बढ़ाने के बजाय लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करनी चाहिए.

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