बांग्लादेश में गुरुवार को नया राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान होने जा रहा है. 35 सालों के लंबे समय के बाद ये पहली बार है जब देश के राष्ट्रपति पद के लिए सीधे संसद में वोट डाले जाएंगे.
राष्ट्रपति पद की रेस में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के दिग्गज नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और 11 दलीय विपक्षी गठबंधन के प्रत्याशी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद के बीच है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान जातीय संसद (संसद भवन) में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा. निर्वाचन आयोग ने 16 अगस्त को ही दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को वैध करार दिया था.
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बीएनपी का प्रमुख चेहरा हैं, जबकि लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद बीर बिक्रम जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलीय विपक्षी मोर्चे के उम्मीदवार हैं.
BNP की बैठक में भावुक हुए फखरुल
बुधवार को BNP संसदीय दल की बैठक के दौरान फखरुल ने अपनी ही पार्टी के सांसदों से समर्थन की अपील की. लंबे समय तक पार्टी के महासचिव रहे फखरुल बैठक में बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए.
उन्होंने सांसदों से कहा, 'अगर मेरे कार्यकाल के दौरान मुझसे कोई भूल हुई हो या अनजाने में किसी का दिल दुखा हो, तो मैं माफी मांगता हूं. उन्होंने देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता से कभी समझौता न करने का संकल्प भी लिया.
शुक्रवार को नए राष्ट्रपति लेंगे शपथ
चुनावी नतीजों के तुरंत बाद नए राष्ट्रपति शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे.
बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद ये पद खाली हुआ था. संविधान के तहत पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है. फिलहाल सभपति (स्पीकर) हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति पद पर हैं.
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BNP का पलड़ा भारी
इस साल 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बीएनपी ने सत्ता में वापसी की थी. संसद में बीएनपी के पास दो-तिहाई से ज्यादा का बहुमत है. ऐसे में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के घोषित उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की जीत लगभग तय मानी जा रही है.
पेशे से अर्थशास्त्री रहे फखरुल 1990 के दशक में बीएनपी में शामिल हुए थे. वो पहले कृषि राज्य मंत्री और स्थानीय सरकार मंत्री भी रह चुके हैं.
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