ईरान जंग में अमेरिका के खिलाफ खड़ा हुआ ये देश! एयरस्पेस के इस्तेमाल पर लगाई रोक

ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका के सहयोगी एक-एक कर युद्ध में उसका साथ देने से मना कर रहे हैं. अब ऑस्ट्रिया ने कहा है कि वो ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगा.

Advertisement
ऑस्ट्रिया ने अमेरिकी फाइटर जेट्स को अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल से मना कर दिया है (Photo: Reuters) ऑस्ट्रिया ने अमेरिकी फाइटर जेट्स को अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल से मना कर दिया है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:43 PM IST

ऑस्ट्रिया ने साफ कर दिया है कि वो ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देगा. ऑस्ट्रिया के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका को इस संबंध में कोई मदद नहीं दी जाएगी.

ऑस्ट्रिया का कहना है कि यह फैसला उसकी तटस्थता की नीति के तहत लिया गया है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश के कानून के मुताबिक, ऑस्ट्रिया किसी भी सैन्य गठबंधन जैसे नाटो में शामिल नहीं हो सकता और न ही अपने क्षेत्र में विदेशी सैन्य ठिकानों की अनुमति देता है.

Advertisement

ऑस्ट्रिया के इस फैसले को ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका पर बढ़ते दबाव के रूप में इससे पहले अमेरिका के कई नाटो सहयोगियों ने ईरान के खिलाफ उसकी मदद से इनकार कर दिया था.

ऑस्ट्रिया के रक्षा मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि अमेरिका की ओर से एयरस्पेस के इस्तेमाल को लेकर कितने अनुरोध किए गए थे, लेकिन ऑस्ट्रियाई पब्लिकेशन ORF के मुताबिक अमेरिका की तरफ से ऐसे 'कई' अनुरोध किए गए हैं.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि हर मामले की समीक्षा ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर की जाएगी.

सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता भी अमेरिका की मदद के खिलाफ

इस बीच, सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPO) के प्रमुख स्वेन हर्गोविच ने कहा कि रक्षा मंत्री को 'खाड़ी क्षेत्र के लिए किसी भी अमेरिकी सैन्य उड़ान को आगे मंजूरी नहीं देनी चाहिए.'

Advertisement

उन्होंने कहा, 'उन्हें किसी भी ट्रांसपोर्ट फ्लाइट या अन्य लॉजिस्टिक सहायता को भी मंजूरी नहीं देनी चाहिए, जैसा कि स्पेन, फ्रांस, इटली और स्विट्जरलैंड कर रहे हैं. यह युद्ध ऑस्ट्रिया के आर्थिक हितों, पूरे यूरोप और विश्व शांति को नुकसान पहुंचा रहा है.'

यह बयान ऐसे समय आया है जब स्पेन ने भी अमेरिका के लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से रोकने का फैसला किया है. स्पेन ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे तीसरे देशों में तैनात अमेरिकी फाइटर जेट्स को भी अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी है.

ब्रिटेन ने भी अमेरिका को युद्ध में मदद से किया है इनकार

वहीं, दूसरी ओर ब्रिटेन ने कुछ अभियानों में अमेरिकी विमानों को अपने सैन्य ठिकानों RAF फेयरफोर्ड और डिएगो गार्सिया के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है.

हालांकि, इन सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल केवल डिफेंसिव ऑपरेशन के लिए ही किया जा सकता है यानी तभी जब ईरान को ब्रिटेन के हितों या नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने से रोकना हो.

ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में यूरोपीय देशों ने अमेरिका की मदद से कदम पीछे खींच लिए हैं जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो गए हैं. उन्होंने ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय नेताओं पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये देश ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल नहीं हो रहे हैं.

Advertisement

ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने यूरोपीय सहयोगियों पर निशाना साधते हुए लिखा, 'वे सभी देश, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट बंदी के कारण जेट फ्यूल नहीं मिल पा रहा है, जैसे यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर दिया, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए.'

ट्रंप ने पश्चिमी देशों के रक्षा संगठन NATO को 'कागजी शेर' और 'बेकार' तक करार दिया और यह भी संकेत दिया कि वो इस सैन्य गठबंधन से अमेरिका को बाहर निकालने पर विचार कर सकते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »