तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल के पूर्व बॉडीगार्ड सहगल हुसैन को रविवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
सहगल हुसैन की गिरफ्तारी से पहले बीरभूम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने बोलपुर में साइगल के फ्लैट पर 16 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस ने 12.84 लाख रुपये नकद, लगभग 800 ग्राम सोना, 150 से ज्यादा जमीन के डॉक्यूमेंट्स, एक लैपटॉप और विदेशी करेंसी बरामद की. ये गिरफ्तारी फरार पत्थर व्यापारी तुलु मंडल से जुड़े टैक्स चोरी और डिमांड-कम-कलेक्शन रसीदों (DCR) की जालसाजी की जांच के तहत की गई है. कोर्ट ने साइगल को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है.
तुलु मंडल के नेटवर्क से जुड़े तार
ये कार्रवाई तुलु मंडल के साले मिनार मंडल के घर से करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और सोने की बरामदगी के बाद शुरू की गई विस्तृत जांच का हिस्सा है.
जांचकर्ताओं को शक है कि तुलु मंडल ने अपने पत्थर कारोबार में टैक्स चोरी कर भारी संपत्ति जुटाई और उसे रिश्तेदारों व करीबियों के जरिए छिपाया. तुलु मंडल के करीबियों से जब्त डायरी और दस्तावेजों की जांच के दौरान साइगल के इस नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत मिले.
पुलिस के अनुसार, ये जांच पत्थर खदानों में टैक्स भुगतान के लिए दी जाने वाली डिमांड-कम-कलेक्शन रसीदों में हेरफेर और जालसाजी से जुड़ी है. रविवार को सिउरी कोर्ट में पेशी के बाद सहगल को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. साइगल ने कोर्ट में खुद को फंसाने की साजिश का दावा किया. पाकिस्तानी और अरब देशों की मुद्राओं की बरामदगी पर उन्होंने कहा कि ये रकम मामूली है और करेंसी विनिमय के दौरान उनके पास आ गई होगी. इनका कोई खास महत्व नहीं था.
वहीं, मोहम्मद नजीबुद्दीन मंडल उर्फ तुलु मंडल ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की. उन पर पत्थर की खदान के काम के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
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