पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर विवाद हो गया. रविवार को आनंदपुर इलाके में कई महिलाओं ने टीएमसी नेता को घेर लिया. महिलाओं ने योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया. महिलाओं का कहना है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में उनके नाम के सामने ‘सफल’ लिखा है. लेकिन उन्हें अब तक घर नहीं मिला है.
मामला कोक ओवन थाना क्षेत्र का है. विरोध के दौरान इलाके में तनाव भी हो गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने टीएमसी नेता विश्वजीत उर्फ बिशु माझी से जवाब मांगा. इसी दौरान कुछ महिलाओं ने उनके सिर पर अंडे फेंके. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें इलाके में घुमाया भी है.
गरीब परिवारों से दस्तावेज लेने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिशु माझी ने कई गरीब परिवारों को पक्का घर दिलाने का भरोसा दिया था. योजना के लिए उनसे जरूरी दस्तावेज भी लिए गए थे. परिवारों को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द घर मिलेगा.
लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिला. इसके बाद कुछ लोगों ने हाल में योजना के ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच की. उनका दावा है कि रिकॉर्ड में उनके नाम के सामने ‘सफल’ दिख रहा था. लोगों का कहना है कि उन्हें न तो पक्का घर मिला और न ही योजना का कोई दूसरा फायदा मिला. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई.
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: TMC विधायक हुमायूं कबीर के दौरे पर बवाल, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगाए 'गो बैक’ के नारे
रिकॉर्ड में नाम सफल दिखने की जानकारी सामने आने के बाद महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया. कई महिलाएं बिशु माझी के पास पहुंचीं. उन्होंने उन्हें घेर लिया और पूरे मामले पर जवाब मांगा. इसी दौरान विवाद बढ़ गया. प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर नेता के सिर पर कई बार अंडे फेंके. इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया.
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है. उनका सवाल है कि अगर लोगों को योजना का फायदा नहीं मिला तो ऑनलाइन रिकॉर्ड में उनके नाम ‘सफल’ कैसे दिख रहे हैं.
लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या इन लाभार्थियों के नाम पर सरकार की ओर से कोई पैसा जारी हुआ था. अगर पैसा या आवास की मदद जारी हुई थी तो उसका फायदा किसे मिला, इसकी जानकारी भी मांगी गई है. लोग चाहते हैं कि पूरे मामले की जांच हो. साथ ही यह भी साफ किया जाए कि रिकॉर्ड में उनके नाम सफल क्यों दिखाए गए.
यह भी पढ़ें: आरजी कर केस में कोर्ट ले जाते समय पूर्व TMC चेयरमैन को भीड़ ने घेरा, फेंके अंडे, लगे चोर- चोर के नारे
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और टीएमसी नेता की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है. मामले को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है. लोगों की नजर अब प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर है.
अनिल गिरी