पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर शुभेंदु अधिकारी और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने निशाना साधा है. शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में अपने पैर में फ्रैक्चर होने को लेकर झूठ बोला था. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी. वहीं, अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए.
शुभेंदु अधिकारी ने एक अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए कहा, 'मैंने कल नंदीग्राम में कहा था कि 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कहकर पूरे नंदीग्राम को अपमानित किया था कि उनका पैर टूट गया है.' उन्होंने कहा कि 11 मार्च 2021 की बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस के रेडियो डायग्नोसिस विभाग की रिपोर्ट में फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का कोई सबूत नहीं होने की बात कही गई है.
'आचार संहिता खत्म होने के बाद कराएंगे जांच'
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले में अभी ज्यादा नहीं बोलेंगे. उन्होंने कहा, 'CID मामले की जांच कर रही है. मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट खत्म होने के बाद हम इस झूठ की भी जांच शुरू कराएंगे. 9 अक्टूबर के बाद इस बारे में विस्तार से बताऊंगा.'
अग्निमित्रा पॉल बोलीं- ममता को जेल क्यों नहीं हो सकती?
वहीं, मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी ममता बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए हुई घटनाओं और शिक्षा के क्षेत्र में हुए भ्रष्टाचार को लेकर ममता बनर्जी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकतीं. अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'तब भी हमने कहा था कि उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ की जानी चाहिए और आज भी हम कह रहे हैं कि उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ करने की जरूरत है.'
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अरविंद केजरीवाल, जयललिता और लालू प्रसाद जेल जा सकते हैं तो ममता बनर्जी क्यों नहीं जा सकतीं. उन्होंने कहा, 'मैं, आप या ममता बनर्जी, कोई भी भारत के संविधान और कानून से ऊपर नहीं है. फिर उन्हें जेल क्यों नहीं होगी? पूछताछ होने दीजिए.' अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा कि अदालत, पुलिस और CBI इस मामले को देख रही हैं. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को भी कानून के तहत पूछताछ का सामना करना चाहिए.
अनुपम मिश्रा