दिव्यांग रागिनी के चेहरे पर लौटी मुस्कान: बलिया की बेटी के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी योगी सरकार; DM खुद घर चलकर आए

बलिया की 7 साल की दिव्यांग बच्ची रागिनी के संघर्ष की खबर मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला प्रशासन और कई संस्थाओं ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं. सीएम राहत कोष से इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ बिटिया को आर्थिक सहायता और ट्राइसाइकिल भी मिल गई है.

Advertisement
बलिया की दिव्यांग रागिनी की मदद के लिए आगे आई सरकार (Photo- ITG) बलिया की दिव्यांग रागिनी की मदद के लिए आगे आई सरकार (Photo- ITG)

aajtak.in

  • बलिया ,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मनियर ब्लॉक के रानीपुर (दिघेड़ा) गांव की रहने वाली 7 साल की दिव्यांग बच्ची रागिनी एक पैर के सहारे 400 मीटर कूद-कूदकर स्कूल जाने को मजबूर थी. मीडिया में खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और सरकार हरकत में आ गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और सीएम राहत कोष से रागिनी के पूरे इलाज का जिम्मा उठाया. वहीं बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह खुद अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम के साथ रागिनी के घर पहुंचे. प्रशासन और विभिन्न प्रतिनिधियों ने बच्ची को ट्राइसाइकिल, पढ़ाई-लिखाई का सामान और आर्थिक मदद सौंपी है. फिलहाल, मासूम रागिनी बेहद खुश है और पूछने पर कहती है कि अब मुझे कुछ नहीं चाहिए.

Advertisement

6 महीने की उम्र में हादसे ने छीना था पैर

रागिनी जब 6 महीने की थी, तब अपनी मां बबीता देवी के साथ दवा लेने जाते समय हादसे का शिकार हो गई थी. इस दुर्घटना में उसका पैर बुरी तरह डैमेज हो गया था. आर्थिक तंगी के कारण परिवार उसका सही इलाज नहीं करा सका.

कक्षा 1 में पढ़ने वाली रागिनी के पिता मजदूरी करते हैं. 400 मीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा जाने के लिए रागिनी को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी और वह कभी कूदकर तो कभी किसी के सहारे स्कूल पहुंचती थी. 

CM योगी और DM ने संभाला मोर्चा

मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रागिनी के इलाज की रूपरेखा तैयार हुई. दो दिन बाद रागिनी को जांच और इलाज के लिए वाराणसी के BHU मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा. इससे पहले जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने डॉक्टरों की टीम गांव भेजकर प्राथमिक मेडिकल चेकअप कराया. डीएम ने घर पहुंचकर रागिनी को ट्राइसाइकिल व गिफ्ट सौंपे और गांव के रास्ते की मरम्मत कराने तथा परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए.

Advertisement

सांसद संजय सिंह और अलख पांडेय ने भी की मदद

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने वीडियो कॉल पर रागिनी और परिवार से बात की. AAP की स्थानीय टीम ने गांव पहुंचकर रागिनी को ट्राइसाइकिल और ₹26,500 की आर्थिक सहायता राशि दी. इसके साथ ही फिजिक्स वाला के अलख पांडेय ने बिटिया की मदद के लिए 10 लाख रुपये भेजे हैं. इतनी बड़ी प्रशासनिक और सामाजिक मदद मिलने तथा ट्राइसाइकिल पाने के बाद मासूम रागिनी और उसका परिवार बेहद खुश है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »