अयोध्या का दीपोत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक, सीएम योगी ने बताया कैसे जुड़ता है समाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के जरिए जातीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुटता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया है.

Advertisement
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के जरिये समाज को दिया प्रेरक संदेश (Photo-PTI) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के जरिये समाज को दिया प्रेरक संदेश (Photo-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 03 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के दीपोत्सव के माध्यम से सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि जाति की जड़ता समाज को बांटने का काम करती है, जबकि साझा आस्था और संस्कृति लोगों को एक सूत्र में पिरोती हैं. अयोध्या का दीपोत्सव सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण है.

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने विचार साझा करते हुए लिखा कि साल 2017 से पहले जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने समाज को जोड़ने वाली सांस्कृतिक शक्ति की उपेक्षा की, वहीं, डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदलने का प्रयास किया.

Advertisement

दीपोत्सव में हर वर्ग की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूज्य संतों के मार्गदर्शन में आज दीपोत्सव में धर्माचार्य, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग समान उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लेते हैं. इस आयोजन में व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसकी सहभागिता और सामूहिक भावना से होती है. दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक सूत्र में जोड़ता है, यही दीपोत्सव का मूल संदेश है और यही समरस समाज की संकल्पना भी है.

सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रहा समाज

मुख्यमंत्री के मुताबिक, दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और साझा विरासत से जोड़ने का माध्यम भी है. इस तरह के आयोजनों में विभिन्न वर्गों की भागीदारी सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और सामूहिकता की भावना को आगे बढ़ाती है.

Advertisement

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश के जरिए दीपोत्सव को सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और समरसता के प्रतीक के रूप में पेश किया.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »