Kal Ka Mausam: यूपी में मानसून एक बार फिर कई इलाकों में सक्रिय नजर आ रहा है. 11 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है. वहीं, कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है. ऐसे में मंगलवार को यूपी के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है.
मौसम केंद्र लखनऊ की ओर से जारी क्षेत्रीय मानसूनी गतिविधि अपडेट के मुताबिक, 11 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. हालांकि, बारिश पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं होगी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कुछ जिलों को भारी बारिश के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील बताया गया है.
11 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के Day-5 पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 12 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना अधिक है. इसका मतलब है कि मंगलवार को बुंदेलखंड और आसपास के इलाकों में बारिश का असर अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दे सकता है. इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है. विशेष रूप से झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर और जालौन जैसे जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत होगी.
पश्चिमी यूपी में भी बारिश का दौर
11 अगस्त को सिर्फ बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की बहुत संभावना जताई है. वहीं पूर्वी यूपी में भी कुछ स्थानों पर इसी तरह की गतिविधि होने का अनुमान है. मौसम विभाग की चेतावनी तालिका में 11 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कहीं-कहीं भारी बारिश की बहुत संभावना बताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए इस दिन कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है.
मानसून को लेकर क्या है बड़ा अपडेट
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से निम्न दबाव क्षेत्र बनने की स्थिति बनी थी. इसके कारण मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के करीब रही. इसके साथ ही दक्षिणी गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के बांग्लादेश क्षेत्र में ऊपरी क्षोभमंडल तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना बताई गई थी. इसके मानसूनी द्रोणी के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण अगले कुछ दिनों में, खासकर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में मानसूनी प्रवाह मजबूत होने की संभावना जताई गई. यही वजह है कि प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है. मौसम विभाग ने 11 अगस्त के लिए भी कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है.
यूपी में मानसून की बारिश का हिसाब क्या बता रहा
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश में इस मानसूनी सीजन की कुल बारिश सामान्य से कम रही है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 325.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 436.7 मिलीमीटर होनी चाहिए थी. यानी यहां बारिश सामान्य से 25 प्रतिशत कम रही. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 339.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 370.3 मिलीमीटर है. यहां बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत कम रही. पूरे उत्तर प्रदेश की बात करें तो 331.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 409.0 मिलीमीटर है. इस तरह प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत कम है. इससे साफ है कि कई इलाकों में लगातार बारिश के बावजूद पूरे प्रदेश का मानसूनी बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है.
कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मानसून की तस्वीर पूरे यूपी में एक जैसी नहीं है. कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी ज्यादा हुई है. मौसम विभाग के आंकड़ों में मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं एटा, इटावा, फिरोजाबाद और हमीरपुर में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. इसके उलट कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है. भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, मऊ, पीलीभीत और शामली** में सामान्य से 60 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है.
पिछले 24 घंटे में भी कई जगह हुई भारी बारिश
मौसम विभाग के 7 अगस्त तक के आंकड़ों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी. संभल के गुन्नौर में 134 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसे भारी से बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रखा गया है. इसके अलावा फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में 68.2 मिलीमीटर, कायमगंज में 65.3 मिलीमीटर, बुलंदशहर के नरौरा में 110.4 मिलीमीटर, हमीरपुर के राठ में 93 मिलीमीटर, जालौन के कालपी में 86.8 मिलीमीटर, बागपत के खेकड़ा में 84 मिलीमीटर, फिरोजाबाद के एका में 76 मिलीमीटर, महोबा के चरखारी में 74 मिलीमीटर और मुजफ्फरनगर के जानसठ में 67.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी.
भारी बारिश हुई तो क्या असर पड़ेगा
मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और अंडरपास जैसे स्थानों पर जलभराव की आशंका जताई है. कच्चे और असुरक्षित ढांचों को नुकसान हो सकता है. भारी बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है. मौसमी नालों और नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की भी संभावना रहती है. ऐसे में भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. 11 अगस्त को जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, वहां किसानों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. मौसम विभाग ने गन्ने में जलभराव से जड़ सड़ने और फसल गिरने की आशंका बताई है. अरहर में अधिक नमी से जड़ गलने और पत्तियों के पीले पड़ने की समस्या हो सकती है. खरीफ मक्का में जलभराव से पौधों के गिरने और जड़ों के विकास पर असर पड़ सकता है. धान की नर्सरी या नई रोपाई वाले खेतों में भी भारी बारिश के कारण पानी भरने से नुकसान हो सकता है. ऐसे में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है.
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में लोगों को निचले इलाकों, मौसमी नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है. अचानक बाढ़ की आशंका वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है. कच्चे या असुरक्षित मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है. भारी बारिश के दौरान यातायात में देरी हो सकती है, इसलिए सफर पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति देख लेना बेहतर होगा.
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