यूपी में श्रावस्ती जिले के गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र अब सिर्फ बच्चों को जुटाने की जगह नहीं, बल्कि पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और बाल विकास का केंद्र बनते दिखाई दे रहे हैं. केंद्रों पर बच्चों के लिए पढ़ाई की सामग्री, बैठने की व्यवस्था और खेलकूद से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसी बदलाव को करीब से समझने के लिए आज तक ने जमुनहा ब्लॉक के कोरी पुरवा और खलीफतपुर आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और लाभार्थियों के साथ पूरा दिन बिताया.
आंगनबाड़ी केंद्र कोरी पुरवा में तैनात कार्यकत्री शालिनी आर्य ने बताया कि सुबह 8:00 बजे केंद्र पर आने के बाद बच्चों को भावगीत, अक्षर ज्ञान, मौसमी ज्ञान के अलावा अन्य जानकारी दी जाती है. 12:00 बजे तक यह काम करते हैं. इसके बाद 01 बजे तक गृह भ्रमण करते हैं, जिसमें लाभार्थियों के घर जाना पड़ता है. 1:00 से 2:00 बजे तक रजिस्टर मेंटेन करना पड़ता है.
इसके अलावा मोबाइल पर ऑनलाइन वर्क करना पड़ता है, जो पहले की अपेक्षा इस बार अधिक करना पड़ता है. इसमें पोषण ट्रैकर ऐप पर अनेक प्रकार की फीडिंग करनी होती है, फेस करना पड़ता है. पंजीरी वितरण के दौरान लाभार्थियों का फेस लेना पड़ता है. योगी सरकार में बदलाव आया है कि हमारे बच्चों को सारी सुविधाएं आंगनबाड़ी केंद्र पर मिल रही हैं. बैठने के लिए अत्यधिक चेयर, अनेक प्रकार की बच्चों के लिए किट और किताबें मिली हैं. बहुत बदलाव आया है. अब जल्द एलसीडी मिलने वाला है, जिससे हम लोग ऑनलाइन बच्चों को और अधिक सीख पाएंगे. यह सारी सुविधाएं योगी की सरकार में हुई हैं.
बच्चों को मिलती हैं सारी बुनियादी सुविधाएं
जमुनहा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र कोरी पुरवा में तैनात सहायिका सरला देवी ने बताया कि सुबह 8:00 बजे केंद्र पर आने के बाद पहले साफ-सफाई करती हूं, फिर बच्चों को बुलाकर केंद्र पर लाती हूं. बच्चों को साफ-सफाई के लिए प्रेरित करने के बाद प्रार्थना करवाती हूं. बच्चों को कैलेंडर और तारीख के बारे में जानकारी देती हूं. योगी सरकार में बदलाव आया है कि हमारे बच्चों को सारी बुनियादी सुविधाएं केंद्र पर मिली हैं.
कोरी पूर्व की ग्रामीण महिला लाभार्थी चमेली देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी पर बच्चों को दरिया और राशन भी मिलता है. यह सब मोदी की सरकार में मिल रहा है. कोरी पूर्व की ग्रामीण महिला लाभार्थी पिंकी देवी ने बताया कि अभी पंजीरी मिलना है. पहले दाल, तेल, पंजीरी भी मिलता था. सब कुछ मिल रहा है, बच्चे पढ़ रहे हैं. सरकार का धन्यवाद.
जब कैमरा बच्चों की ओर घूमता है तो तस्वीर और भी खास हो जाती है. नन्ही अनन्या और आर्यन खुद अपना नाम बताते हैं और दूसरे बच्चों को पढ़ाने की कोशिश करते नजर आते हैं. यही शुरुआती सीख आगे चलकर उनकी शिक्षा की मजबूत नींव बन सकती है.
काफी बदलाव आया है
आंगनबाड़ी केंद्र खलीफतपुर में कार्यकत्री के पद पर तैनात गौरी देवी ने कहा कि काफी बदलाव हुआ है. केंद्र पर रंगाई-पुताई, बच्चों के लिए विशेष सुविधा है. हमारे केंद्र पर 56 बच्चे हैं. रंग और खेलकूद के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया और सिखाया जाता है. 8:00 से 12:00 तक केंद्र पर बच्चों को पढ़ना होता है. 12:00 से 1:00 तक रजिस्टर मेंटेन करना होता है. भाजपा सरकार में आंगनबाड़ी केंद्र पर बहुत अच्छे से काम हुआ है. हम लोगों का मानदेय भी बढ़ा, इसके लिए सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद.
खलीफतपुर की महिला लाभार्थी आरती ने बताया कि आंगनबाड़ी से काफी सुविधाएं मिल रही हैं. पंजीरी, दरिया, यह सब योगी की सरकार में मिल रहा है. खालिफतपुर की महिला लाभार्थी गायत्री ने बताया कि बच्चों को आंगनवाड़ी पर सारी सुविधाएं मिल रही हैं. राशन, दरिया, यह सब योगी सरकार में मिला है. बहुत अच्छी सरकार है.
आंगनबाड़ी केंद्रों की यह तस्वीर बताती है कि गांवों में बाल पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था अब कई स्तरों पर बदल रही है. हालांकि कार्यकत्रियों की जिम्मेदारियों में ऑनलाइन काम और रिकॉर्ड अपडेट जैसे नए काम भी जुड़े हैं. इन केंद्रों से जुड़े बच्चों, महिलाओं और कार्यकत्रियों की उम्मीद यही है कि सुविधाओं का यह सिलसिला आगे भी जारी रहे.
पंकज वर्मा