यूपी के बदायूं और बरेली में 35,000 से ज्यादा निवेशकों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो भाइयों को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी, जिनकी पहचान 'अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड' के डायरेक्टर शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य के तौर पर हुई है, लगभग डेढ़ साल से फरार थे.
अधिकारियों के अनुसार, STF की नोएडा यूनिट और कोतवाली बदायूं पुलिस ने सोमवार को इन दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ कोतवाली बदायूं में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
ये धाराएं क्रमशः धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, कीमती सिक्योरिटी में जालसाजी, धोखाधड़ी के लिए जालसाजी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी से संबंधित हैं.
पुलिस ने बताया कि इन भाइयों ने कथित तौर पर 'अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड' के जरिए ज्यादा रिटर्न का वादा करके लोगों को पैसे निवेश करने के लिए लुभाया और बाद में उन पैसों का गबन कर लिया.
पुलिस के अनुसार, बदायूं, बरेली, पीलीभीत और अन्य जिलों के निवेशकों से कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा की गई थी. माना जा रहा है कि अकेले बदायूं में ही लगभग 15,000 निवेशक इससे प्रभावित हुए हैं.
बदायूं की SSP अंकिता शर्मा ने बताया कि इन भाइयों के खिलाफ बदायूं और बरेली में कई मामले दर्ज किए गए थे. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट का रुख किया था, लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी, जिससे पुलिस की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया.
पुलिस ने बताया कि बरेली रेंज के DIG ने 1 जुलाई, 2025 को उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर हर एक के लिए 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी.
अधिकारियों ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी से प्रभावित निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है, और आगे की जांच कथित वित्तीय धोखाधड़ी और उनके पैसे की रिकवरी पर केंद्रित होगी.
अंकुर चतुर्वेदी