इस्लाम धर्म कबूल करने की बात कहने वाले आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव खत्म होने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने आज तक से खास बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए. आकाश अग्रवाल ने बूथ कैप्चरिंग से लेकर पुलिस और प्रशासन पर उन्हें और उनके समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें ऐसा महसूस कराया जा रहा है, जैसे वे पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों. आकाश अग्रवाल ने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि चुनाव लड़ने पर उनके साथियों को इतनी परेशानी झेलनी पड़ेगी, तो वह चुनाव ही नहीं लड़ते. उन्होंने धर्म परिवर्तन करने की बात भी कही.
दरअसल, एमएलसी चुनाव खत्म हो गया, लेकिन आगरा में सियासी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा. समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने आज तक से खास बातचीत में चुनाव के दौरान हुई कथित परेशानियों को लेकर अपना दर्द बयां किया. उनका आरोप है कि 12 जिलों में शिक्षक साथियों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया गया.
आकाश अग्रवाल ने कहा, मुझे ऐसा महसूस होने लगा है, जैसे मैं पाकिस्तान से आया कोई आतंकवादी हूं. ये चाहेंगे तो मेरे पास ड्रग्स या हथियार रखकर भी मुझे अंदर करवा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि चुनाव लड़ने की वजह से उनके साथियों को इतनी परेशानी उठानी पड़ेगी, तो वह चुनाव लड़ते ही नहीं. इसी नाराजगी के बीच उन्होंने धर्म परिवर्तन करने की बात भी कही.
2020 में निर्दलीय एमएलसी का चुनाव जीते थे आकाश
आपको बता दें कि डॉ. आकाश अग्रवाल का इस चुनाव से पहले भाजपा से जुड़ने का प्रयास भी चर्चा में रहा. साल 2020 में उन्होंने आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था और भाजपा के दिनेश चंद्र वशिष्ठ को हराया था. उस चुनाव में आकाश अग्रवाल को 6,690 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 4,314 वोट मिले थे. आकाश ने 2,376 वोटों से जीत दर्ज की थी.
2026 के चुनाव में आकाश अग्रवाल भाजपा से टिकट की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. सपा ने उन्हें आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट से प्रत्याशी बनाया. अब चुनाव के बाद आकाश अग्रवाल के आरोपों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है.
नितिन उपाध्याय