उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की. इनकम टैक्स द्वारा यूनिवर्सिटी निर्माण में हुए कुल खर्च का ब्यौरा न देने के कारण यह कार्रवाई हुई है.
इससे पहले, इनकम टैक्स विभाग जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त कर चुका है और नोटिस जारी कर वर्ष 2015 से 2020 के बीच यूनिवर्सिटी निर्माण पर हुए खर्च का हिसाब मांग चुका है. वहीं, ईडी ने इस बीच 10 ठिकानों पर करीब 13 घंटे तक छापेमारी की है.
सूत्रों के अनुसार, ED की यह कार्रवाई सरकारी ठेकों के फंड को जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर किए जाने की जांच के तहत की गई है. यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी विभागों का करीब 110 करोड़ रुपया खर्च हुआ था, जबकि एजेंसियों को विभागों के माध्यम से 150 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाने के सबूत भी मिले हैं. इसके अलावा, आजम खान पर समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान सांसद और विधायक निधि से लगभग 4.5 करोड़ रुपये यूनिवर्सिटी निर्माण में लगाने का आरोप है.
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ट्रस्ट ने 59 इमारतों के निर्माण में केवल 45 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया था, जबकि असल में 494 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है. सरकारी विभागों के धन को डाइवर्ट करने के लिए फर्जी फर्म और बोगस कंपनी से ब्लैक मनी खपाने की जांच में ईडी जुटी है.
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी विभागों के निर्माण करने वाली फर्म और उसके ठेकेदारों के जरिए जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट को फंड डाइवर्ट किया गया. जांच एजेंसी को ट्रस्ट से जुड़े सीए (CA) के घर और दफ्तर से इस फंड डायवर्जन के दस्तावेजी और डिजिटल सबूत मिले हैं.
इस बीच, पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में एसएफआई और एबीवीपी के बीच झड़प के बाद तनाव का माहौल देखने को मिला है. एसएफआई पर एबीवीपी के समर्थकों के साथ मारपीट करने का आरोप है.
बताया जा रहा है कि दोनों गुटों के बीच यह टकराव यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर बुधवार रात को हुआ. इस घटना में दोनों पक्षों के कई समर्थकों के घायल होने की खबर है. फिलहाल जादवपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है.
संतोष शर्मा