राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, दान गिनने की पूरी व्यवस्था बदली... सभी 36 पुराने स्टाफ निकाले गए

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं. मंदिर के 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है. वहीं, चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था भी बदल दी गई है. पुराने 36 कर्मियों को इस प्रक्रिया से हटा दिया गया है.

Advertisement
राम मंदिर में दान की गिनती अब एसबीआई द्वारा तैनात स्टाफ ही करेंगे. (Photo: ITG) राम मंदिर में दान की गिनती अब एसबीआई द्वारा तैनात स्टाफ ही करेंगे. (Photo: ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं. इसी क्रम में ट्रस्ट ने मंदिर में कार्यरत सभी 349 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस दौरान कर्मचारियों के कार्य, जिम्मेदारियों और पृष्ठभूमि की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके.

Advertisement

चढ़ावा गिनने वाले 36 पुराने कर्मियों की भूमिका हुई समाप्त
सबसे बड़ा बदलाव चढ़ावे की गणना व्यवस्था में किया गया है. ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने मिलकर नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत चढ़ावे की गिनती से जुड़े पुराने सभी 36 कर्मियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त कर दी गई है. अब मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गणना का पूरा दायित्व एसबीआई द्वारा तैनात नए और अधिकृत स्टाफ को सौंपा जाएगा.

ट्रस्ट का मानना है कि इस नई व्यवस्था से चढ़ावा गणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनेगी. साथ ही, कर्मचारियों की स्क्रीनिंग और नई निगरानी प्रणाली से श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा. ट्रस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना दोबारा न हो और मंदिर की व्यवस्थाएं पूरी तरह निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनी रहें.

Advertisement

राम मंदिर ट्रस्ट की आज होगी बड़ी बैठक
इधर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज महत्वपूर्ण बैठक भी है.  इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे और मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव के चयन के साथ ही लंबे समय से रिक्त पड़े दो अन्य महत्वपूर्ण पदों को भरने पर भी निर्णय होने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया महासचिव विश्व हिंदू परिषद का ही होगा, यह लगभग तय माना जा रहा है.

सूत्रों के अनुसार हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण और उसके बाद हुई जांच के मद्देनजर ट्रस्ट अब प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. इसी क्रम में नई कार्यप्रणाली, जवाबदेही बढ़ाने और वित्तीय निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत मंथन होगा. राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद खाली पड़े पदों पर नए नामों की घोषणा की जाएगी. इसके लिए बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई है. पहले सत्र में दोपहर तीन बजे से खाली पदों के चयन पर मंथन होगा. दूसरे सत्र में दोपहर चार बजे से बैठक में अन्य विषयों पर मंथन होगा.

Advertisement

नए महासचिव की नियुक्ति को माना जा रहा अहम
नए महासचिव की नियुक्ति को ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. बैठक में खाली पड़े दो अन्य पदों पर भी नियुक्ति किए जाने की उम्मीद है. बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से रिक्त हुए पद पर उनके पुत्र राज परिवार के सदस्य व साहित्यकार यतींद्र मिश्र का भी चयन होने की पूरी संभावना है. इसके अलावा ट्रस्ट में अयोध्या के किसी एक संत को भी स्थान दिया जा सकता है. बताया जा रहा है कि बैठक में मंदिर के चढ़ावे की गणना, लेखा प्रणाली, बैंकिंग व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर नई व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »