अयोध्या पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा सहित सभी सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर सघन तलाशी ली. यह कार्रवाई मंदिर परिसर से चढ़ावे की चोरी के मामले में साक्ष्य जुटाने और अवैध संपत्तियों का पता लगाने के लिए की गई. पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमा शंकर मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव के घरों को खंगाला. इस जांच के बीच आजतक के पास अनुकल्प मिश्रा के घर पर हुई 50 लाख की भव्य रामकथा और चंपत राय की मौजूदगी का एक्सक्लूसिव वीडियो सामने आया है.
50 लाख की रामकथा और चंपत राय का वीडियो
आजतक के हाथ लगे एक एक्सक्लूसिव वीडियो से खुलासा हुआ है कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने अपने घर पर सात दिनों की भव्य रामकथा का आयोजन कराया था, जिस पर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए थे. 30 अप्रैल को इस रामकथा का सातवां दिन था. इस आयोजन के दौरान चंपत राय भी अनुकल्प मिश्रा के घर पहुंचे थे. आजतक के पास दोनों के एक साथ मौजूद होने का एक्सक्लूसिव वीडियो है. इसके अलावा 10 अप्रैल 2024 की एक एक्सक्लूसिव तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें मंदिर परिसर के अंदर दान काउंटिंग कक्ष के सामने गणना कर्मियों की नियमित बैठकें दिखाई दे रही हैं.
राम मंदिर में काम मिलते ही बदली हैसियत
अनुकल्प मिश्रा के रिश्ते में चाची लगने वाली नेहा मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में काम करने के बाद से अनुकल्प और उसके परिवार की संपत्ति अचानक बढ़ गई. परिवार की हैसियत में बड़ा बदलाव आया और उन्होंने नया मकान, जमीन तथा खेत खरीद लिए. अनुकल्प के साथ-साथ उसके रिश्ते में दामाद लगने वाले लव कुश मिश्रा की हैसियत भी अचानक बदल गई. दूसरी तरफ, पुलिस मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कौशलपुरी के श्याम साधना योग केंद्र लेकर पहुंची, जहां 15 मिनट की पड़ताल में कुछ कागजात और हाल ही में खरीदी गई गाड़ी बरामद होने की बात सामने आई है.
सात आरोपियों के घरों पर ढाई घंटे छापेमारी
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने नयाघाट के स्वर्गद्वार इलाके में रहने वाले चाचा-भतीजे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव समेत सभी सातों आरोपियों के घरों पर करीब डेढ़ से ढाई घंटे तक छापेमारी की. घर में गवाह के तौर पर मौजूद मनीष यादव के पड़ोसी ने बताया कि पुलिस ने एक-एक अलमारी, बक्से और पर्स का कोना-कोना छान मारा. दिलचस्प बात यह रही कि छापेमारी के बाद वापस जा रही पुलिस टीमों की प्रशासन की टीमों ने खुद तलाशी ली, यानी जांच कर रही पुलिस पर भी पूरी निगाह रखी जा रही थी.
आशीष श्रीवास्तव