ब्राह्मणों पर दिया विवादित बयान, SP प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर दर्ज हुई FIR

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के एक विवादित बयान के बाद गाजियाबाद के कविनगर थाने में FIR दर्ज की गई है. भाटी ने कहा था, “न तो ब्राह्मण अच्छा होता है और न ही कोई तवायफ,” जिसके बाद ब्राह्मण समाज और कई संगठनों में नाराजगी फैल गई. बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

Advertisement
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी. (File Photo: ITG) सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • गाजियाबाद,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:16 AM IST

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर ब्राह्मणों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में केस दर्ज किया है. एक एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने कवि नगर पुलिस स्टेशन में BJP नेता अजय शर्मा की शिकायत के आधार पर भाटी के खिलाफ BNS की धारा 196(1) (धर्म के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत केस दर्ज किया है.

Advertisement

भाटी ने दिया था ये बयान
अपनी शिकायत में शर्मा ने भाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, क्योंकि उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां की थीं जिनसे "उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं". एक वायरल वीडियो में भाटी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "न तो ब्राह्मण अच्छा होता है, और न ही कोई तवायफ."

हालांकि, वीडियो पर भारी विरोध के बाद भाटी ने माफी मांगी और कहा कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को चुनिंदा तरीके से काटकर "गलत प्रचार" फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. भाटी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी का "असली चरित्र और नफरत भरी मानसिकता" एक बार फिर बेनकाब हो गई है.

पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मणों के खिलाफ की गई "अपमानजनक और निंदनीय" टिप्पणियां निंदनीय हैं और ये पार्टी की मानसिकता को दर्शाती हैं. पाठक ने कहा कि ब्राह्मण समुदाय जिसने ज्ञान, संस्कृति, संविधान और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से देश में योगदान दिया है. ऐसी भाषा का हकदार नहीं है. ऐसी टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं.

Advertisement

अखिलेश यादव को भाटी के खिलाफ करनी चाहिए कार्रवाई: ब्रजेश पाठक  
उपमुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने अतीत में भी सनातन धर्म, संतों और सामाजिक सद्भाव के खिलाफ बार-बार बयान दिए हैं. उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की गई कथित टिप्पणियों का हवाला दिया. जिनमें आजम खान का 'भारत माता' पर विवादित बयान, पूर्व महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य की 'रामचरितमानस' पर टिप्पणियां, समाजवादी पार्टी के एक सांसद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी और केंद्रीय मंत्री व प्रदेश BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी के खिलाफ की गई टिप्पणियां शामिल हैं. 

पाठक ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भाटी का बयान पार्टी की विचारधारा को दर्शाता है. पाठक ने कहा कि अगर ऐसा नहीं है, तो उन्हें  भाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए. साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. पूरे देश में ब्राह्मण समुदाय इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा. जो लोग बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं और जाति-आधारित नफ़रत फैला रहे हैं, उन्हें लोग लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे.

कांग्रेस ने भी की निंदा
भाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक एक्स पर पोस्ट में कहा कि ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा बेहद निंदनीय है. विचारधारा में राजनीतिक मतभेद स्वीकार्य हैं, लेकिन पूरे समुदाय का अपमान करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. सिर्फ़ माफ़ी मांगना ही काफी नहीं होगा. ऐसे गैर-जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »