चारों SOG पर चला पुलिस कमिश्नर का डंडा, 44 पुलिसकर्मी हटे, मुंबई में MD ड्रग्स फैक्ट्री के बाद बड़ा एक्शन

प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए जिले की चारों SOG टीमों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. सेंट्रल SOG समेत जोन नगर, जोन गंगानगर और जोन यमुनानगर की टीमें खत्म कर दी गई हैं. प्रभारी समेत कुल 44 पुलिसकर्मियों को हटाकर अपने-अपने DCP को रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है.

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प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया. (Photo: Screengrab) प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया. (Photo: Screengrab)

पंकज श्रीवास्तव

  • प्रयागराज ,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:06 PM IST

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने जिले की चारों स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG टीमों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का आदेश जारी किया है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. जिले में सेंट्रल SOG के साथ-साथ जोन नगर, जोन गंगानगर और जोन यमुनानगर की SOG टीमें काम कर रही थीं. पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद इन चारों टीमों को पूरी तरह भंग कर दिया गया है.

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आदेश के तहत चारों SOG टीमों के प्रभारियों समेत उनमें तैनात सभी पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है. कार्रवाई की जद में कुल 44 पुलिसकर्मी आए हैं. चारों SOG टीमों के भंग होने के बाद हटाए गए सभी पुलिसकर्मियों को अपने-अपने DCP को रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है. यानी अब ये पुलिसकर्मी SOG टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे और आगे की व्यवस्था के लिए संबंधित DCP के सामने रिपोर्ट करेंगे.

पुलिस कमिश्नर की इस कार्रवाई को प्रयागराज पुलिस महकमे में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. एक साथ जिले की चारों SOG टीमों को खत्म करने के फैसले ने पुलिस विभाग में चर्चा बढ़ा दी है.

विशेष काम के लिए ऐसे बनेगी अस्थायी टीम

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जरूरत पड़ने पर योग्य पुलिसकर्मियों की अस्थायी टीम बनाई जा सकती है. हालांकि इसके लिए अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय की संस्तुति जरूरी होगी. इन दोनों अधिकारियों की संस्तुति के बाद पुलिस आयुक्त के अनुमोदन से ही योग्य पुलिसकर्मियों को अस्थायी टीम के तौर पर विशेष कार्यों के लिए लगाया जा सकेगा.

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यानी अब विशेष ऑपरेशन या किसी खास काम के लिए टीम का गठन सीधे नहीं किया जा सकेगा. इसके लिए निर्धारित स्तर से संस्तुति और पुलिस आयुक्त की मंजूरी जरूरी होगी. पुलिस कमिश्नर की इस बड़ी कार्रवाई को मुंबई क्राइम ब्रांच की मांडा में MD ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने की कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि मुंबई क्राइम ब्रांच ने मांडा में MD ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी है. इसके बाद ही प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की ओर से चारों SOG टीमों को भंग करने का यह बड़ा फैसला लिया गया है.

हालांकि, दिए गए इनपुट में पुलिस कमिश्नर की ओर से कार्रवाई की वजह को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. फिलहाल चारों SOG टीमों को भंग करने का आदेश लागू कर दिया गया है. इस पूरे प्रशासनिक एक्शन में चारों SOG टीमों के प्रभारी समेत कुल 44 पुलिसकर्मी प्रभावित हुए हैं. सभी को अपनी संबंधित DCP के सामने रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है.

प्रयागराज में एक साथ सेंट्रल SOG और तीनों जोन की SOG टीमों को भंग करने की कार्रवाई को बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे पहले ये टीमें विशेष अभियानों और पुलिस से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए काम कर रही थीं. अब अगर किसी विशेष कार्य के लिए टीम की जरूरत महसूस होती है, तो योग्य पुलिसकर्मियों को चुनकर अस्थायी टीम बनाई जा सकेगी. इसके लिए अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय की संस्तुति के बाद पुलिस आयुक्त की मंजूरी लेनी होगी.

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मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद फैसला

पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया के इस फैसले के बाद प्रयागराज पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है. चारों SOG टीमों के प्रभारी समेत 44 पुलिसकर्मियों को हटाए जाने के बाद अब आगे की पुलिस व्यवस्था पर नजर है.
 

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