मणिकर्णिका घाट पर गूंजे वैदिक मंत्र, नेपाल त्रासदी के मृतकों के लिए हुआ विशेष श्राद्ध-तर्पण

नेपाल में आई त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर श्राद्ध-तर्पण कराया गया. नेपाल राष्ट्र की ओर से काशी में नियुक्त लाल मोहरिया परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान किया. इस दौरान अपनों से बिछड़े लोगों के जल्द परिवार से मिलने और घायलों के जल्द स्वस्थ होने के लिए भी प्रार्थना की गई.

Advertisement
मणिकर्णिका पर मृतकों के लिए कराया गया श्राद्ध-तर्पण. (Photo: Screengrab) मणिकर्णिका पर मृतकों के लिए कराया गया श्राद्ध-तर्पण. (Photo: Screengrab)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी ,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

नेपाल में आई त्रासदी ने लोगों को गहरे दुख में डाल दिया है. इस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए नेपाल के साथ भारत में भी जगह-जगह दुआ और प्रार्थना की जा रही है. इसी क्रम में वाराणसी के महामोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका पर नेपाल राष्ट्र की तरफ से काशी में नियुक्त पुरोहित लाल मोहरिया परिवार ने मृतकों के लिए श्राद्ध-तर्पण कराया. मणिकर्णिका पर विधि-विधान से श्राद्ध-तर्पण कर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. इस दौरान उन लोगों के लिए भी कामना की गई, जो इस त्रासदी के बाद अपने परिवार से बिछड़ गए हैं. साथ ही हादसे में घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की गई.

Advertisement

वाराणसी में इस समय बाढ़ की विभीषिका के चलते सारे पक्के घाट डूब चुके हैं. इसी बीच महामोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका पर वैदिक मंत्रोच्चार सुनाई दिया. नेपाल त्रासदी में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए यहां लाल मोहरिया परिवार की ओर से श्राद्ध-तर्पण किया गया. पूजन के दौरान काशीवासियों और पुरोहितों ने अपने हाथों में तख्तियां लेकर भी अपनी बात सामने रखी. अनुष्ठान के जरिए त्रासदी में काल के गाल में समा गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. इसके साथ ही अपनों से बिछड़े लोगों के जल्द अपने परिवार के पास लौटने और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई.

पूजन के दौरान अभय द्विवेदी और गौरव द्विवेदी ने बताया कि लाल मोहरिया परिवार को नेपाल राज परिवार की ओर से काशी में नेपाल राष्ट्र के वासियों और नेपाल राज परिवार के लिए अनुष्ठान, पूजन और श्राद्ध-तर्पण कराने के लिए अधिकृत किया गया है. उन्होंने बताया कि इसी जिम्मेदारी के तहत नेपाल में आई इस त्रासदी में भी श्राद्ध-तर्पण कराया गया. उनका कहना है कि इस त्रासदी में जिन लोगों की जान चली गई, उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना उनकी जिम्मेदारी है. इसके साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने और जो लोग अपने परिवार से बिछड़ गए हैं, उनके जल्द अपनों से मिलने की कामना भी की गई.

Advertisement

पीड़ित परिवारों के लिए निशुल्क जारी रहेगी सेवा

अभय द्विवेदी और गौरव द्विवेदी ने बताया कि यह पूजन और श्राद्ध-तर्पण सिर्फ अभी तक सीमित नहीं रहेगा. त्रासदी से प्रभावित कोई भी परिवार अगर काशी आकर श्राद्ध-तर्पण या पूजन कराना चाहता है, तो लाल मोहरिया परिवार की ओर से यह सेवा आगे भी निशुल्क जारी रखी जाएगी. इस पहल के जरिए त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए धार्मिक अनुष्ठान की व्यवस्था करने की बात कही गई है. लाल मोहरिया परिवार का कहना है कि नेपाल त्रासदी से प्रभावित परिवार अगर काशी आकर अपने मृत परिजनों के लिए श्राद्ध-तर्पण और पूजन कराना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा.

मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वास्थ्य की कामना

मणिकर्णिका पर हुए इस अनुष्ठान में सिर्फ मृतकों के लिए ही प्रार्थना नहीं की गई, बल्कि त्रासदी से प्रभावित हर व्यक्ति के लिए कामना की गई. मृतकों की आत्मा को शांति मिले, जो लोग अपनों से बिछड़ गए हैं, वे जल्द अपने परिवार से मिल सकें और घायल लोग जल्द स्वस्थ हों, इसके लिए भी प्रार्थना की गई. नेपाल राष्ट्र की ओर से काशी में नियुक्त पुरोहित परिवार द्वारा किए गए इस श्राद्ध-तर्पण में त्रासदी के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई. महामोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए अनुष्ठान में मृतकों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना की गई. नेपाल में हुई त्रासदी के बाद काशी में हुआ यह श्राद्ध-तर्पण मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना का धार्मिक प्रयास रहा. लाल मोहरिया परिवार ने साफ किया कि प्रभावित परिवारों के लिए श्राद्ध-तर्पण और पूजन की निशुल्क सेवा आगे भी जारी रहेगी.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »