IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर भावुक हुए मिर्जापुर के ग्रामीण, बोले- नहीं भूल पाएंगे ये काम

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित लहरियादह गांव में आजादी के बाद से जारी पानी के संकट को दूर करने वाली पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद ग्रामीण भावुक हैं. जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से पानी पहुंचाने वाली अफसर को ग्रामीण भगवान का दर्जा दे रहे हैं.

Advertisement
दिव्या मित्तल के विशेष प्रयास से मिर्जापुर के गांव में पहुंचा था पानी (Photo- ITG) दिव्या मित्तल के विशेष प्रयास से मिर्जापुर के गांव में पहुंचा था पानी (Photo- ITG)

सुरेश कुमार सिंह

  • मिर्जापुर ,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल सुर्खियों में हैं. उन्होंने देवरिया, मिर्जापुर जैसे जिलों की कमान संभाली थी. अब मिर्जापुर के लोग उन्हें याद कर रहे हैं. दरअसल, लालगंज तहसील स्थित ड्रमंडगंज में विंध्य पहाड़ी पर बसे लहरियादह गांव में पूर्व जिलाधिकारी IAS दिव्या मित्तल के विशेष प्रयासों से 31 अगस्त 2023 को पहली बार हर घर नल से पानी पहुंचा था. लगभग 800 आबादी वाला यह गांव आजादी के बाद से ही गंभीर जल संकट से जूझ रहा था, जहां लोग पहाड़ी सोते या मध्य प्रदेश के हनुमाना से पानी लाने को मजबूर थे. प्रशासन द्वारा टैंकर से प्रति व्यक्ति मात्र 15 लीटर पानी कार्ड पर दिया जाता था. दिव्या मित्तल द्वारा जल जीवन मिशन और हर घर नल योजना के तहत पानी पहुंचाए जाने के बाद अब उनके इस्तीफे पर ग्रामीण उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं.

Advertisement

आजादी के बाद से पानी का संघर्ष

पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण लहरियादह गांव में पीने के पानी की समस्या बेहद विकराल थी. गर्मियों के दिनों में स्थिति और बिगड़ जाती थी. ग्रामीण लल्लन के मुताबिक, पानी के लिए लोग जंगल में पड़े रहते थे और डिब्बों के भरोसे गुजारा होता था. महिलाएं कुएं से आधा-एक लीटर पानी निकालने को मजबूर थीं.

ये भी पढ़ें- IAS दिव्या मित्तल के समर्थन में उतरी कांग्रेस, अजय राय ने गवर्नर को लिखा पत्र

दिव्या मित्तल का विशेष प्रयास

मिर्ज़ापुर की जिलाधिकारी बनकर आईं IAS दिव्या मित्तल ने गांव की इस समस्या को देखा और जल जीवन मिशन तथा हर घर नल योजना के तहत विशेष कदम उठाए. 31 अगस्त 2023 को गांव में पहली बार पाइपलाइन से पानी पहुंचा, जिससे आज हर घर के पास टोटी लग चुकी है और ग्रामीणों को पानी की समस्या से मुक्ति मिल गई है.

Advertisement

ग्रामीणों के लिए बनीं 'भगवान'

दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर के बाद गांव के लोग पुराने दिनों को याद कर भावुक हैं. ग्रामीण रामकली, शीला और चौसरिया का कहना है कि दिव्या मित्तल उनके लिए भगवान बनकर आई थीं. ग्रामीणों के अनुसार, उनके इस एहसान को गांव कभी नहीं भूल पाएगा और वे चाहते हैं कि उनके जैसी अधिकारी फिर से जिले में आएं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »