महाकुंभ: बसंत पंचमी अमृत स्नान के लिए पुलिस-प्रशासन ने कसी कमर, जानिए कैसी है मेला क्षेत्र की तैयारी?

Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में बसंत पंचमी के अवसर पर महाकुंभ में होने वाले अंतिम अमृत स्नान से पहले पुलिस और प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो एरर' के निर्देश के अनुपालन पर सभी ने पूरी ताकत लगा दी है.

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महाकुंभ में होने वाले अंतिम अमृत स्नान से पहले पुलिस और प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है. महाकुंभ में होने वाले अंतिम अमृत स्नान से पहले पुलिस और प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है.

aajtak.in

  • प्रयागराज,
  • 02 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

प्रयागराज में बसंत पंचमी के अवसर पर महाकुंभ में होने वाले अंतिम अमृत स्नान से पहले पुलिस और प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो एरर' के निर्देश के अनुपालन पर सभी ने पूरी ताकत लगा दी है. 29 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान के दौरान हुई भगदड़ के 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 घायल हो गए. इसके बाद यूपी सरकार सख्त हो गई है.

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यूपी सरकार ने मेले के सुचारू संचालन की निगरानी के लिए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी तैनात किया है, जो साल 2019 अर्धकुंभ को सफलतापूर्वक आयोजित करने वाली टीम का हिस्सा थे. प्रयागराज में प्रशासन का अनुभव रखने वाले आशीष गोयल और भानु चंद्र गोस्वामी, मेला अधिकारी विजय किरण आनंद के साथ जुड़ गए हैं. अब अधिकारियों की इस तिकड़ी के पास कुंभ की बड़ी जिम्मेदारी है. 

भीड़ नियंत्रण खुद कर रहे हैं अपर पुलिस महानिदेशक

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर खुद मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण उपायों की देखरेख कर रहे हैं. महाकुंभ हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने शनिवार को प्रयागराज का दौरा किया. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया. घायलों को देखने के लिए विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया. बसंत पंचमी स्नान की तैयारियों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने बिना किसी त्रुटि के निष्पादन का निर्देश दिया है.

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संगम घाटों को स्नान के तुरंत बाद खाली करने के निर्देश

रविवार की सुबह एडीजी भास्कर मेला प्राधिकरण भवन में स्थित एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC) पहुंचे. वहां उन्होंने बड़े स्क्रीन के माध्यम से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र, चौराहों और प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी रखी. लोगों की भीड़ को घाटों से हटाने के लिए लाउडस्पीकर से खुद निर्देश जारी किए. उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा, "स्नान के बाद घाटों पर अनावश्यक रूप से न रुकें, अन्य श्रद्धालुओं के लिए जगह खाली कर दें.'' 

भगदड़ के मद्देनजर मेला में मुस्तैद हुए पुलिस अधिकारी

उन्होंने मेला क्षेत्र में मौजूद पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि घाटों पर कहीं भी भीड़ एकत्र न हो और श्रद्धालु स्नान के बाद तुरंत अपने अगले गंतव्य के लिए निकल जाएं. पवित्र स्नान करके लौट रहे रूपम चंद्र ने बताया, "संगम घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं को हटाया जा रहा है. घाटों को खाली कराने के लिए पुलिस की टीम हर दिशा में सीटी बजा रही है.'' 

प्रयागराज पहुंचे ये दो बड़े अनुभवी आईएएस अधिकारी

मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे पुलिस बल को मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. इस बीच लखनऊ से आए प्रशासनिक अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी और आशीष गोयल अपने पिछले अनुभव साझा कर मेला प्रशासन की मदद कर रहे हैं. साल 2019 के कुंभ में गोस्वामी प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे, जबकि गोयल मंडलायुक्त थे.

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रविवार दोपहर तक 90 लाख लोगों ने किया संगम स्नान

बसंत पंचमी स्नान के लिए भीड़ पहले से ही बढ़ रही है. रविवार दोपहर 12 बजे तक करीब 90 लाख श्रद्धालु गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके थे. इसके अलावा, 13 जनवरी से अब तक 33.61 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में डुबकी लगा चुके हैं. इस बीच, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रयागराज की पांच कोस को संगम का हिस्सा माना जाता है. 

पांच फरवरी को महाकुंभ नगर में आएंगे प्रधानमंत्री मोदी

इसलिए श्रद्धालुओं को फाफामऊ से लेकर अरैल तक कहीं भी स्नान करने से महाकुंभ का पुण्य मिलता है. उन्होंने कहा, "संगम का क्षेत्र सीमित है, इसलिए हम सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हैं कि वे उस क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ न लगाएं." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच फरवरी को महाकुंभ नगर में आना प्रस्तावित है. इसे देखते हुए मेला प्रशासन और पुलिस के लिए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है.

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