लखनऊ में एक शख्स ई-रिक्शा लेकर नहर के किनारे पहुंचता है. रिक्शे में एक शव रखा है. वह शव को नहर में फेंकने की तैयारी करता है. तभी कुछ राहगीर उधर से आते दिखते हैं. शख्स घबरा जाता है. शव को नहर में फेंकने का प्लान छोड़ता है. लाश को वहीं फुटपाथ पर पटकता है और ई-रिक्शा लेकर भाग जाता है. लेकिन उसकी ये चालाकी ज्यादा देर नहीं चलती. पुलिस ने उसे कुछ ही घंटे बाद पकड़ लिया.
ये मामला राजधानी लखनऊ के मानकनगर इलाके का है. पुलिस के मुताबिक, 55 साल के धीरज कुमार सोनकर ने अपनी 28 साल की लिव-इन पार्टनर पूजा उर्फ परवीन की हत्या कर दी. आरोप है कि धीरज ने पूजा के ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया. फिर शव को ई-रिक्शे में रखकर ठिकाने लगाने निकल पड़ा.
कहानी 30 अगस्त की रात से शुरू होती है. पुलिस पूछताछ में धीरज ने बताया कि वह पूजा को पिछले चार-पांच साल से जानता था. दोनों के बीच लंबे वक्त से संबंध थे. पूजा अक्सर स्लीपर ग्राउंड स्थित उसके ठिकाने पर आती थी और उसके साथ रहती थी. 30 अगस्त की रात भी दोनों साथ थे.
इसी दौरान पूजा ने धीरज से 50 हजार रुपये मांगे. धीरज ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं. वजह ये बताई कि उसने हाल ही में कर्ज लेकर ई-रिक्शा खरीदा था. ई-रिक्शा खरीदने के बाद उसकी आर्थिक हालत ऐसी थी कि जेब में पैसे नहीं बचे थे. 50 हजार रुपये को लेकर दोनों में बहस होने लगी. बहस बढ़ती गई और रात से सुबह हो गई.
सुबह के करीब 3 से 4 बजे पूजा घर जाने की जिद करने लगी. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसने धीरज को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी. धीरज का दावा है कि इसी बात पर उसका गुस्सा बेकाबू हो गया. उसने पूजा का दुपट्टा उठाया और उसका गला कस दिया. इतना कसा कि पूजा की सांसें थम गईं.
हत्या के बाद शुरू हुआ शव ठिकाने लगाने का खेल
अब धीरज के सामने दूसरी मुश्किल थी. पूजा की मौत हो चुकी थी और शव घर में पड़ा था. पुलिस के मुताबिक, धीरज ने शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया. उसने सीधे सड़क पकड़ने के बजाय पहले रास्ते की रेकी की. कोशिश थी कि ऐसा रास्ता चुना जाए, जहां सीसीटीवी कैमरे कम हों और कोई उसे देख न पाए. रास्ता तय हुआ. शव को ई-रिक्शे में लादा गया और धीरज उसे लेकर निकल पड़ा. उसका इरादा शव को नहर में फेंकने का था.
आरोपी डीआरएम पुलिया के पास पहुंचा. अब बस शव को नहर में फेंकना बाकी था. लेकिन तभी कहानी में एक ट्विस्ट आया. कुछ राहगीर उधर से आते दिखाई दिए. धीरज घबरा गया. उसे लगा कि अगर लोगों ने उसे शव के साथ देख लिया तो वह पकड़ा जाएगा. उसने नहर में शव फेंकने का फैसला वहीं छोड़ दिया. शव को फुटपाथ पर ही छोड़ दिया और ई-रिक्शा लेकर भाग निकला.
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उधर पूजा के पिता मुन्ना लाल मियां उर्फ टिंचू इस्लाम ने मानकनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या उसके साथ लिव-इन में रहने वाले धीरज कुमार सोनकर ने की है और शव को नहर के पास फेंका गया है. शिकायत मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई. मानकनगर थाना प्रभारी अजीत कुमार ने जांच शुरू की. पुलिस ने अलग-अलग सुरागों को जोड़ना शुरू किया और आरोपी तक पहुंच गई.
आलमबाग के शांतिपुरम स्थित घर से धीरज सोनकर को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी वारदात के करीब तीन घंटे के भीतर हुई. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वह ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया, जिसका इस्तेमाल शव को ले जाने के लिए किया गया था. पूछताछ में धीरज ने अपना जुर्म कबूल करने की बात कही.
पुलिस के मुताबिक, 50 हजार रुपये को लेकर शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंच गया. हत्या के बाद आरोपी ने सीसीटीवी से बचने के लिए रास्ता चुना, शव को ई-रिक्शे में लादा और नहर में फेंकने पहुंच गया. लेकिन राहगीरों की आहट से डरकर शव को फुटपाथ पर छोड़कर भाग गया. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.
अंकित मिश्रा