गाजियाबाद के लोनी के गढ़ी कटैया में प्रस्तावित साइकिल वितरण कार्यक्रम को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है. भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए लोनी कोतवाली में शिकायत दी है. उन्होंने पोस्ट के जरिए भ्रामक प्रचार करने, अपनी और भाजपा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने तथा क्षेत्र में आक्रोश फैलाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.
विधायक ने कहा कि यदि कार्यक्रम से जुड़े मामले में उनकी या किसी भाजपा कार्यकर्ता की भूमिका साबित होती है तो वह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने को तैयार हैं. उन्होंने अखिलेश यादव को भी इसी तरह की चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह दोषी नहीं पाए जाते हैं तो क्या अखिलेश यादव इस्तीफा देंगे.
लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के मुताबिक, 25 अक्टूबर को गढ़ी कटैया के मैदान में सपा की ओर से साइकिल वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित था. उनका आरोप है कि कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी. इसके बावजूद टेंट लगाया गया, जिसे लेकर प्रशासन ने कार्यक्रम नहीं करने को कहा.
विधायक ने दावा किया कि सपा के स्थानीय नेताओं के बीच गुटबाजी के कारण कार्यक्रम में विवाद की स्थिति बनी. उन्होंने कहा कि सांसद इकबाल हसन को कार्यक्रम में आना था, लेकिन वह नहीं आई. विधायक ने आरोप लगाया कि इसके बाद स्थानीय राजनीतिक खींचतान के चलते पूरे मामले को भाजपा के खिलाफ प्रचारित किया गया.
नंदकिशोर गुर्जर ने टेंट हटाने के लिए जेसीबी के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि यदि प्रशासन के किसी अधिकारी ने जेसीबी से टेंट हटवाया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सपा नेताओं से कार्यक्रम की अनुमति लिए जाने के प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दी. उनका कहना है कि यदि अनुमति ली गई थी और इसके बावजूद कार्यक्रम नहीं होने दिया गया तो इसकी जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों में उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उनकी माताजी के संबंध में भी आपत्तिजनक बातें कही गईं.उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट से उन्हें व्यक्तिगत आघात पहुंचा है और भाजपा कार्यकर्ताओं का भी अपमान हुआ है. विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जेसीबी की तस्वीर के साथ पोस्ट प्रसारित कर क्षेत्र में भाजपा और उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई. उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए अपनी शिकायत में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.
सपा सांसद डिंपल यादव के महिला सम्मान से जुड़े रुख पर टिप्पणी करते हुए विधायक ने कहा कि पूर्व में उनके खिलाफ एक मौलवी की कथित टिप्पणी का उन्होंने विरोध किया था और कार्रवाई के लिए शिकायत भी दी थी. उन्होंने कहा कि ऐसे में बिना पूरे तथ्यों की जांच किए इस मामले पर सोशल मीडिया पोस्ट करना उचित नहीं है. भाजपा विधायक ने सपा की राजनीति और उसके नेताओं पर भी कई आरोप लगाए तथा दावा किया कि इस प्रकरण से लोनी में तनाव पैदा करने की कोशिश की गई.
विधायक ने कहा कि उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस कार्रवाई करेगी और संबंधित नेताओं को माफी मांगनी पड़ेगी.
सपा नेता का आरोप
आरोप है कि गाजियाबाद के लोनी (गढ़ी कट्टैया) में रविवार को प्रस्तावित समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए सम्मान समारोह एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम’ को पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया. कार्यक्रम स्थल पर लगे टेंट और मंच को बुलडोजर (JCB) की मदद से हटवा दिया गया. इस कार्यक्रम के तहत 8वीं, 10वीं और 12वीं में 75% से अधिक अंक पाने वाली मेधावी छात्राओं को साइकिलें वितरित की जानी थीं.
आयोजक सपा नेता अनुज प्रधान ने आरोप लगाया कि अनुमति के बावजूद स्थानीय भाजपा नेताओं के दबाव में कार्यक्रम रद्द कराया गया और उन्हें हिरासत में रखा गया.
दूसरी ओर, लोनी नगर पालिका का कहना है कि सरकारी खेल मैदान में बिना अनुमति टेंट लगाया गया था. इस उल्लंघन पर नगर पालिका ने आयोजक को 10,86,930 रुपये के जुर्माने का नोटिस जारी किया है. कार्यक्रम रद्द होने से दूर-दराज से साइकिल लेने पहुंचीं छात्राएं निराश होकर लौटीं.
मयंक गौड़