कानपुर की हनुमंत विहार थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने 'विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड' नाम से फर्जी नेटवर्क चलाने वाले 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने देश के अलग-अलग राज्यों से बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर कानपुर बुलाया और पिरामिड चेन सिस्टम के जरिए लगभग 60 हजार लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, सीपीयू, नगदी और कई दस्तावेज बरामद किए हैं.
दो आईडी बनाकर वसूलते थे हजारों रुपये
जांच में सामने आया कि गिरोह के लोग बेरोजगारों को हर महीने 20 से 25 हजार रुपये कमाने का लालच देते थे. इसके बाद जॉइनिंग के नाम पर 15 हजार से 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे. कई मामलों में एक ही व्यक्ति की दो-दो आईडी बनाई जाती थीं और प्रति आईडी 12 हजार रुपये के हिसाब से करीब 24 हजार रुपये ले लिए जाते थे. इसके बाद पीड़ितों पर नए सदस्यों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था.
फर्जी हेल्थ प्रोडक्ट्स देकर सेहत से खिलवाड़
नेटवर्क में शामिल होने वालों को पैसे के बदले हेल्थ और डेली यूज प्रोडक्ट दिए जाते थे. आरोप हैं कि इनमें से कई हेल्थ प्रोडक्ट्स बिना किसी वैध लाइसेंस और बिना पर्याप्त टेस्टिंग के तैयार किए जा रहे थे. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन संदिग्ध उत्पादों के जरिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ किस हद तक खिलवाड़ किया गया.
पुलिस कार्रवाई और सामान बरामदगी
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 1 सीपीयू, 3,600 रुपये नकद और ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं. हनुमंत विहार थाने में दर्ज मुकदमे के तहत गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है. पुलिस अब कंपनी के बैंक खातों, एजेंटों और कुल ठगी की राशि की गहन जांच कर रही है.
सिमर चावला