कानपुर के सीएमओ कार्यालय में ऐसी चोरी का मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हैरान कर दिया है. यहां चोरों ने किसी कीमती सामान, नकदी या दूसरे सामान पर हाथ नहीं डाला, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की फाइलें गायब कर दीं. सीएमओ कार्यालय के पेंशन कक्ष से रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की करीब 100 पेंशन पत्रावलियां और सेवा पुस्तिकाएं गायब मिली हैं. मामले की जानकारी सामने आने के बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया. जिस कमरे से फाइलें गायब हुई हैं, वहां की खिड़की खुली मिली थी. टेबल पर रखी फाइलें वहां नहीं थीं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकारी कार्यालय से सिर्फ पेंशन और सेवा से जुड़ी फाइलें ही क्यों गायब की गईं.
बताया गया कि 16 सितंबर को वरिष्ठ सहायक भूप नारायण पाल पेंशन पत्रावली लेने के लिए पेंशन कक्ष में पहुंचे थे. वहां पहुंचने पर उन्हें कमरे की खिड़की खुली मिली. जब उन्होंने अंदर देखा तो टेबल पर रखी फाइलें गायब थीं. इसके बाद कार्यालय में इसकी जानकारी दी गई. जांच करने पर पता चला कि एक-दो नहीं, बल्कि करीब 100 पेंशन संबंधी पत्रावलियां और सेवा पुस्तिकाएं गायब हैं. इन दस्तावेजों में रिटायर्ड स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़ी फाइलें शामिल हैं. गायब हुई फाइलों में सेवानिवृत्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी एसीएमओ डॉ. रामसुमेर की व्यक्तिगत पेंशन फाइल और सेवा पुस्तिका भी शामिल है. यह बात सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया.
आखिर फाइलें ही क्यों ले गए चोर
सीएमओ कार्यालय में चोरी की यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चोरों ने सिर्फ सरकारी दस्तावेजों की फाइलों को निशाना बनाया. कार्यालय में दूसरी चीजें भी मौजूद थीं, लेकिन वहां से उनके चोरी होने की जानकारी नहीं है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन फाइलों को चोरी करने के पीछे क्या वजह हो सकती है. पेंशन और सेवा से संबंधित इन सरकारी दस्तावेजों को चोर अपने साथ ले जाकर क्या करेंगे और उनका उन्हें क्या फायदा हो सकता है, यह अभी साफ नहीं है. पेंशन कक्ष की जिस खिड़की से चोरी होने का अंदेशा जताया जा रहा है, उसके बाहर घनी झाड़ियां उगी हुई हैं. ऐसे में चोर दिन के उजाले में वहां पहुंचे थे या रात के अंधेरे में खिड़की के रास्ते अंदर आए, यह अभी पहेली बना हुआ है.
मामले में चकेरी थाने में 19 सितंबर को एफआईआर दर्ज कराई गई है. पुलिस ने सरकारी फाइलों के गायब होने की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है. एसीपी आशुतोष सिंह के मुताबिक, मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. कार्यालय के लिपिक की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फाइलें गायब करने वालों का पता लगाया जा सके. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्यालय में कौन आया था और फाइलें किस तरह गायब हुईं. फिलहाल चोरी की घटना का तरीका और इसके पीछे की वजह दोनों ही स्पष्ट नहीं हैं.
इस चोरी की घटना के बीच कानपुर के सीएमओ हरिदत्त नेमी एक बार फिर चर्चा में हैं. इससे पहले वह कानपुर के तत्कालीन डीएम जितेंद्र कुमार सिंह से विवाद के बाद चर्चा में आए थे. डीएम की रिपोर्ट के बाद सरकार ने सीएमओ हरिदत्त नेमी का ट्रांसफर कर दिया था. इसके बाद दूसरे सीएमओ ने कानपुर में ज्वाइन भी कर लिया था. हालांकि, हरिदत्त नेमी हाई कोर्ट से स्टे लेकर वापस आ गए थे. इसके बाद से वह सीएमओ के पद पर बने हुए हैं. अब इसी घटनाक्रम के बीच डीएम जितेंद्र कुमार सिंह का भी ट्रांसफर हो गया है. बताया गया है कि उनका ट्रांसफर सीएमओ से विवाद के करीब 24 घंटे पहले हुआ.
नए डीएम के सामने भी होगी फाइल चोरी की चुनौती
सीएमओ कार्यालय से करीब 100 महत्वपूर्ण पेंशन पत्रावलियों और सेवा पुस्तिकाओं के गायब होने का मामला अब प्रशासन और पुलिस के सामने है. एक तरफ पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए फाइलें गायब करने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यह भी सवाल बना हुआ है कि सरकारी कार्यालय में इतनी बड़ी संख्या में फाइलें आखिर कैसे गायब हो गईं. अब देखना होगा कि नए डीएम के ज्वाइन करने के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है. साथ ही पुलिस सिर्फ फाइलें चोरी करने वाले आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है, यह भी जांच के बाद ही साफ होगा.
रंजय सिंह