कानपुर के कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए दावे सामने आ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान विनीत के बेटे सुब्रत ने हत्या की बात कुबूल ली है. कैमरा पर आरोपी सुब्रत ने कहा कि उसे अपने पिता की हत्या करने का कोई मलाल नहीं है. उसे इस बात का दुख है कि हत्या चाकू से गोदकर की गई. सुब्रत ने अपने पिता के व्यवहार को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
पुलिस के सामने सुब्रत का कथित कन्फेशन वीडियो सामने आया है. वीडियो में आरोपी हत्या की प्लानिंग, नौकर विशाल को इसमें शामिल करने और वारदात को अंजाम देने की कथित पूरी कहानी बताते हुए नजर आ रहा है. पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि उसने करीब तीन-चार महीने पहले पिता की हत्या की योजना बनाई थी. इसके पीछे उसने पिता के महिलाओं से संबंध, परिवार में तनाव और संपत्ति किसी दूसरे के नाम चले जाने की आशंका को वजह बताया.
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि बेहद शातिर तरीके से रची गई एक गहरी साजिश थी. आरोपी ने जानबूझकर शालू से गार्ड को फोन करवाया गया और हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर से भी शालू के जरिए कॉल करवाए गए.
पिता के व्यवहार से परेशान थी मां: सुब्रत
सुब्रत के मुताबिक, उसने पिता की हत्या की योजना करीब तीन-चार महीने पहले बनाई थी. उसने कथित तौर पर नौकर विशाल को भी इस योजना के बारे में बताया था. सुब्रत का दावा है कि उसने विशाल से कहा था कि उसके ऊपर जितना कर्ज है, वह उसे चुकाने के लिए करीब डेढ़ से दो लाख रुपये देगा.
वीडियो में आरोपी बता रहा है कि नौकर विशाल ने हत्या के कई तरीके सुझाए थे. इनमें सड़क हादसा दिखाकर हत्या करने का तरीका भी शामिल था. हालांकि, सुब्रत का कहना है कि उसे लगा कि इस तरह की वारदात में मामला उल्टा फंस सकता है. इसके बाद दोनों ने ऐसी योजना बनाने की बात सोची, जिसमें हत्या को बीमारी या सामान्य मौत जैसा दिखाया जा सके और किसी को शक न हो.
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने बताया कि उसके पिता के कुछ महिलाओं से संबंधों को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव था. उसने आरोप लगाया कि पिता के व्यवहार की वजह से उसकी मां काफी परेशान रहती थीं और इसका असर पूरे परिवार पर पड़ रहा था.
आरोपी बेटे के कुबूलनामे का VIDEO यहां देखें-
घर की चाबी की डुप्लीकेट बनवाई
सुब्रत बताता है कि उसने घर की चाबी विशाल को दी थी. यह चाबी उसकी गाड़ी में रहती थी. उसके मुताबिक, विशाल ने इस चाबी की मदद से डुप्लीकेट चाबी बनवाई और बाद में असली चाबी वापस कर दी. उसने विशाल को घर में आने का तरीका भी बताया था. उसका कहना है कि जब वह घर से बाहर चला जाए तो विशाल उसके कमरे में आ जाए और पिता के खाना खाने के बाद सो जाने का इंतजार करे. इसके बाद हत्या करने की योजना थी.
सुब्रत ने कथित तौर पर यह भी बताया कि उसने घर के अंदर की स्थिति और परिवार के लोगों के आने-जाने की जानकारी विशाल को दी थी, ताकि वारदात के वक्त घर में कोई दूसरा व्यक्ति मौजूद न हो.
40 लाख का कर्ज, हर महीने 55-56 हजार की किस्त
वीडियो में सुब्रत अपने ऊपर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज होने की बात भी कहता है. उसके मुताबिक, अलग-अलग कर्ज की वजह से उसे हर महीने करीब 55 से 56 हजार रुपये की किस्त चुकानी पड़ती थी. जब उससे पूछा गया कि वह इतनी रकम कहां से लाता था, तो उसने कथित तौर पर बताया कि वह लोन लेता था और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता था. इसके अलावा उसने दुकान से सामान निकालकर अपना खर्च चलाने की बात भी कही.
सुब्रत के मुताबिक, उसके पिता उसे हर महीने करीब 40 हजार रुपये खर्च के लिए देते थे. लेकिन उसके खर्च और कर्ज की किस्त इससे ज्यादा थी.
5 तारीख की रात वारदात की प्लानिंग
सुब्रत के कथित बयान के मुताबिक, 5 तारीख की रात वारदात को अंजाम देने की योजना थी. उसने विशाल को पहले ही बताया था कि उसके घर से निकलने के बाद वह अंदर आ सकता है. उसके मुताबिक, विशाल को कमरे में जाकर इंतजार करना था. पिता के खाना खाने और सो जाने के बाद वारदात को अंजाम देने की योजना थी. इसके बाद विशाल के वहां से निकल जाने की बात कही गई थी.
सुब्रत का दावा है कि अगले दिन सुबह पिता के नहीं उठने पर परिवार की ओर से यह बताया जा सकता था कि उनकी सामान्य मौत हुई है. उसका कहना था कि किसी को हत्या का शक न हो, इसी हिसाब से पूरी योजना बनाई गई थी.
पहले शालू पर आरोप, फिर बदला बयान
पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआती जांच के दौरान सुब्रत लगातार अपनी पत्नी शालू पर हत्या का आरोप लगाता रहा. वहीं, नौकर विशाल के बयानों में भी शालू का नाम सामने आता रहा. इसके बाद पुलिस ने शालू की भूमिका की गहराई से जांच शुरू की. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे सुब्रत की भूमिका पर भी सवाल उठे. इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की.
पुलिस के मुताबिक, कई घंटे की पूछताछ के बाद सुब्रत ने कथित तौर पर हत्या की पूरी कहानी बताई और अपनी भूमिका स्वीकार की. बताया जा रहा है कि जब उसे लगा कि अब उसकी गिरफ्तारी तय है और उसे जेल जाना पड़ेगा, तब करीब सुबह 4 बजे उसने हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही.
पूछताछ में सुब्रत ने कथित तौर पर कहा कि शुरुआत में उसे लगा था कि पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार कर लेगी. बाद में उसे पता चला कि विशाल ने अपने बयान में उसका नाम नहीं लिया है. इस वजह से वह खुद भी असमंजस में था.
विशाल का बदला बयान, शालू पर भी उठे सवाल
पुलिस के मुताबिक, नौकर विशाल के बयान में भी बदलाव सामने आया है. विशाल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि सुब्रत ने उससे कहा था कि अगर वे पकड़े जाएं तो शालू का नाम ले लेना. अब वीडियो में सुब्रत से उसकी पत्नी शालू की भूमिका के बारे में भी सवाल किया गया. इस पर उसने कथित तौर पर कहा कि शालू को इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
विशाल ने यह भी दावा किया कि हत्या से पहले सुब्रत ने उससे फोन पर बात की थी और वारदात को इस तरह अंजाम देने की बात कही थी कि मामला हत्या के बजाय प्राकृतिक मौत जैसा लगे. विशाल के मुताबिक, हत्या वाले दिन सुब्रत ने उसे करीब छह बार फोन किया था और वह काफी जल्दबाजी में बात कर रहा था.
विशाल के बयान के मुताबिक, वारदात के दौरान विनीत मिनोचा ने दोनों को देख लिया था. इसके बाद वह शोर मचाने लगे. विशाल का दावा है कि इसी दौरान डर की वजह से उसने चाकू से विनीत पर हमला कर दिया. पुलिस अब विशाल के इन दावों और सुब्रत के कथित कबूलनामे को आमने-सामने रखकर जांच कर रही है.
पति को सामने देखकर भावुक हुई शालू
पुलिस ने पूछताछ के दौरान सुब्रत और उसकी पत्नी शालू को आमने-सामने बैठाया. बताया जा रहा है कि सुब्रत को सामने देखते ही शालू भावुक हो गई और रोने लगी. पुलिस के मुताबिक, वह करीब 20 मिनट तक रोती रही. वहीं, सुब्रत ने उससे ज्यादा बातचीत नहीं की और कुछ देर बाद अपना मुंह दूसरी ओर कर लिया.
पूछताछ में शालू लगातार यही कहती रही कि उसे नहीं पता कि विनीत मिनोचा की हत्या किसने की. उसका कहना है कि उसने हत्या नहीं की. हालांकि, पुलिस ने अभी शालू को क्लीन चिट नहीं दी है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के बयानों, कॉल डिटेल, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और दूसरे उपलब्ध सबूतों का मिलान किया जा रहा है.
सिमर चावला