समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाए गए जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को अब प्राइवेट कंपनी चलाएगी. लंबे समय से चल रही कवायद के बाद उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने JPNIC को 30 साल की लीज पर देने के लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है.
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को 'रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' और 'वृंदावन बॉटलर्स' को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा.
कैबिनेट से अप्रूवल मिलने के बाद अब इस अंतरराष्ट्रीय केंद्र के निजीकरण और संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. इस लीज समझौते के एवज में दोनों कंपनियों को LDA को 831 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा.
लंबे समय से चल रही थी प्राइवेटाइजेशन की प्रकिया
सपा सरकार के दौरान बने इस प्रोजेक्ट के निजीकरण और लीज को लेकर पिछले काफी समय से प्रक्रिया चल रही थी. कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब JPNIC परिसर को निजी कंपनियों के जरिए अपग्रेड, संचालित और मैनेज किया जाएगा. इससे लखनऊ निवासियों को एक एडवांस और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जल्द मुहैया हो सकेंगी.
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सरकार के इस फैसले पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बीजेपी सरकार है या दुकानदार? अब यूपी की बीजेपी सरकार ने लखनऊ के JPNIC (जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को निजी हाथों में सौंपने का फैसला कैबिनेट में ले लिया है. अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है. कमीशन भ्रष्ट बीजेपी की गाड़ी का तेल-पानी है और निजीकरण उसका जुगाड़.'
आशीष श्रीवास्तव