सहारनपुर में मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. इकरा हसन का आरोप है कि चुनाव नजदीक आते ही धार्मिक मुद्दों को हवा दी जा रही है और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों, युवाओं और रोजगार जैसे असली मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.
इकरा हसन ने मस्जिद कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस धार्मिक स्थल को लेकर कार्रवाई की गई, वह 1947 से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. उनका आरोप है कि वोट के लालच में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है और समाज में धार्मिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है.
इकरा हसन ने कहा, ''चुनाव नजदीक है और 1947 की बनी हुई मस्जिद को जमींदोज कर दिया गया. वोट के लालच में इनको सिर्फ एक ही काम आता है- हिंदू-मुस्लिम फैलाना और धार्मिक स्थलों को जमींदोज करना. किसानों को उनकी फसलों के दाम नहीं मिल रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं, पेपर लीक हो रहे हैं. सरकार को इन मुद्दों पर बात करनी चाहिए.''
इकरा हसन ने किसानों और युवाओं के मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा, युवा रोजगार के लिए परेशान हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मामले युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
इकरा हसन ने दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ पुलिस की कथित कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता.
दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ पुलिस ने जिस तरह की कार्रवाई की, ''मैं उसकी घोर निंदा करती हूं. पत्रकारों को अपना काम करने की आजादी होनी चाहिए. अगर पत्रकार सवाल पूछता है या खबर कवरेज करता है तो उसके साथ लाठीचार्ज या बदसलूकी नहीं होनी चाहिए.''
शरद मलिक