हर-हर महादेव के बीच देसी जिम: हरिद्वार से हरियाणा तक 200 KM की कांवड़ यात्रा, हर पड़ाव पर ठोक रहे 3500 सपाटे!

हरिद्वार से हरियाणा के नाहरी तक 200 किमी की कांवड़ यात्रा पर निकले मनजीत दहिया आस्था के साथ फिटनेस का संदेश दे रहे हैं. यात्रा के दौरान रास्ते में रुककर एक बार में 3500 सपाटे लगाने वाले मनजीत युवाओं को नशे से दूर रहकर बेहतर स्वास्थ्य और सेहत पर ध्यान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

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हरिद्वार से हरियाणा के नाहरी तक जाएगी मनजीत की कांवड़ यात्रा (Photo- ITG) हरिद्वार से हरियाणा के नाहरी तक जाएगी मनजीत की कांवड़ यात्रा (Photo- ITG)

मनुदेव उपाध्याय

  • बागपत ,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

हर-हर महादेव के जयकारों के बीच कहीं कांवड़ में जिम नजर आ रहा है तो कहीं महादेव की भव्य झांकी. लेकिन बागपत की सड़कों से गुजर रही एक कांवड़ ऐसी है, जिसने आस्था के साथ-साथ फिटनेस का संदेश भी दे दिया है. लंबे बाल, चेहरे पर जोश और शरीर में गजब की ऊर्जा... यह नौजवान रास्ते में रुकता है और फिर शुरू हो जाते हैं उसके ‘सपाटे’. एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 3500 सपाटे! हरिद्वार से हरियाणा के नाहरी तक 200 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी कांवड़ यात्रा में मनजीत का यह अंदाज लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है.

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दरअसल, उत्तर प्रदेश के बागपत में इन दिनों हर तरफ कांवड़ियों का सैलाब है. कोई पैदल कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है तो कोई अलग अंदाज में भोलेनाथ की भक्ति का संदेश दे रहा है।.इसी भीड़ में हरियाणा के नाहरी निवासी मनजीत दहिया अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा के कारण अलग नजर आ रहे हैं. 

मनजीत के कंधे पर कांवड़ नहीं है, लेकिन उनकी यात्रा का सबसे खास हिस्सा है उनका फिटनेस वाला अंदाज. वह रास्ते में अपने पड़ाव पर पहुंचते हैं, कुछ देर रुकते हैं और फिर शुरू कर देते हैं सपाटे लगाने. देखते ही देखते गिनती सैकड़ों से हजारों तक पहुंच जाती है. मनजीत एक बार में करीब 3500 सपाटे लगाने के बाद ही अगले पड़ाव की ओर रवाना होते हैं.

उनका यह सिलसिला हरिद्वार से शुरू हुआ है और हरियाणा के नाहरी तक जारी रहेगा. करीब 200 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी दूरी उन्हें इस अनोखे अंदाज में तय करनी है. रास्ते में जहां उनका पड़ाव होता है, वहीं से वह अपने अगले फिटनेस पड़ाव की शुरुआत करते हैं.

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मनजीत बताते हैं कि वह यह कांवड़ किसी खास मन्नत के लिए नहीं ला रहे हैं. उनके लिए यह यात्रा एक संकल्प है. उनका कहना है कि आज के दौर में युवाओं को नशे और दूसरी कुरीतियों से दूर रखने की जरूरत है. इसी संदेश को लेकर वह कांवड़ यात्रा में आगे बढ़ रहे हैं. मनजीत का कहना है कि युवाओं को नशे की तरफ जाने के बजाय अपनी सेहत और फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए. स्वस्थ शरीर और स्वस्थ जीवन ही बेहतर भविष्य की नींव है. उनका उद्देश्य है कि उनकी यह यात्रा देखकर दूसरे युवा भी प्रेरित हों और अपने जीवन में स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें. 

मनजीत जब सड़क किनारे या अपने पड़ाव पर सपाटे लगाना शुरू करते हैं तो वहां से गुजर रहे कांवड़िये और स्थानीय लोग भी रुक जाते हैं. देखते ही देखते उनके आसपास लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. कोई उनके सपाटे गिनता नजर आता है तो कोई मोबाइल में वीडियो बनाने लगता है. कांवड़ यात्रा में मनजीत का यह अनोखा अंदाज युवाओं के बीच खासा आकर्षण पैदा कर रहा है. भोले की भक्ति के साथ फिटनेस का संदेश देने वाली उनकी यह यात्रा यह बताने की कोशिश कर रही है कि आस्था और स्वास्थ्य साथ-साथ चल सकते हैं.

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