देशभर में आज दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. दीपावली के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर पहुंचकर रामलला का आशीर्वाद लिया. इसके बाद वो 'आजतक पंचायत अयोध्या' कार्यक्रम में शामिल हुए.
इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के वनटांगिया गांव में जाकर दीपावली मनाने की अपनी सालों पुरानी खास परंपरा पर खुलकर बात की और इसके पीछे की वजह भी बताई.
सीएम योगी ने बताया कि वनटांगिया समाज के लोग आजादी मिलने के लंबे समय बाद तक भी अपने बुनियादी अधिकारों और सरकारी सुविधाओं से महरूम रहे.
पिछले 10 साल से वनटांगिया परिवार संग मना रहे दिवाली
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 120 से 130 साल पहले वनटांगिया परिवारों को जिन जमीनों पर बसाया गया था, उन्हें लंबे समय तक राजस्व गांव तक का दर्जा नहीं मिल सका था. उन्होंने बताया कि वनटांगिया समाज के साथ उनका ये जुड़ाव कोई नया नहीं है. मुख्यमंत्री बनने से पहले भी वो इन परिवारों के बीच लगातार जाते रहते थे. वहीं, मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पिछले दस सालों से वो हर दीपावली इन्हीं परिवारों के साथ मनाते आ रहे हैं.
राजस्व गांव का दर्जा और सरकारी सुविधाएं दिलाईं
अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने वनटांगिया परिवारों को उनका अधिकार दिलाते हुए गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिया. इसके साथ ही इन लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराए गए, जिससे उन्हें अपने मताधिकार का हक मिला. इतना ही नहीं, उन्हें राशन कार्ड और अन्य तमाम सरकारी योजनाओं की सुविधाएं भी मुहैया कराई गईं.
'अंतिम व्यक्ति तक खुशियां पहुंचाना ही असली मकसद'
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वनटांगिया समाज के लोगों के दर्द को पिछली सरकारों ने कभी नहीं समझा. उनके बीच जाकर दीपावली मनाने का उनका असल मकसद यही है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी खुशियां, अधिकार और सम्मान पहुंच सके.
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उन्होंने बताया कि वनटांगिया समाज के साथ उनका नाता सिर्फ एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं है, बल्कि ये उनका लगभग 19वां या 20वां ऐसा कार्यक्रम है जब वो उनके बीच मौजूद रहे हैं.
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