यूपी के मेरठ में मंगलवार शाम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई. गैस की चपेट में आने से कई लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने एहतियातन आसपास की कॉलोनी को खाली कराया. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं.
मामला पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के पल्लवपुरम फेज-2 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का है. यहां मंगलवार शाम अचानक प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया. कुछ ही देर में आसपास रहने वाले लोगों को गैस की गंध और उसके असर का एहसास होने लगा.
लोगों ने आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की. इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए.
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नगर आयुक्त सौरव गंगवार के मुताबिक, प्लांट में लगे क्लोरीन सिलेंडर के वाल्व में लीकेज होने की वजह से गैस का रिसाव हुआ था. प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को कंट्रोल करना शुरू किया.
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें एक्टिव हो गईं. फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आसपास के इलाके को सुरक्षित करने के साथ लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर किया गया.
एहतियात के तौर पर आसपास की कॉलोनी को खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. इस दौरान इलाके में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा.
गैस के संपर्क में आने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई. करीब 8 से 10 लोगों की हालत ज्यादा खराब हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में भी मरीजों की लाइन लग गई.
लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में हुई दिक्कत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गैस फैलने के बाद अचानक आंखों में जलन होने लगी और खांसी आने लगी. कुछ लोगों ने सांस लेने में परेशानी की भी शिकायत की.
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लोगों की आवाजाही को रोका गया, ताकि कोई और व्यक्ति गैस के संपर्क में न आए. फायर ब्रिगेड और संबंधित टीमें रिसाव को रोकने में जुटी रहीं. प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति कंट्रोल में होने की बात कही गई है.
विधायक और मेयर भी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने के बाद मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रभावित इलाके का जायजा लिया और स्थानीय लोगों का हाल जाना. अमित अग्रवाल ने प्लांट के रखरखाव को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि स्थानीय सभासद की तबीयत भी गैस रिसाव के कारण खराब हुई है. उनके मुताबिक, इन प्लांटों का हस्तांतरण मेरठ विकास प्राधिकरण से नगर निगम को किया गया है और नगर निगम ने इनके मेंटेनेंस का काम एक कंपनी को दिया है.
विधायक ने मेंटेनेंस में लापरवाही की आशंका जताई है. हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मेरठ के महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि इन प्लांटों को हाल में नगर निगम के हैंडओवर किया गया है. उनके मुताबिक, नगर निगम ने पहले ही मेरठ विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर प्लांटों की स्थिति ठीक कराने के बाद हैंडओवर करने की बात कही थी.
महापौर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्लांट के अंदर एक सिलेंडर लीक होने की वजह से गैस का रिसाव हुआ. उन्होंने कहा कि मामले को जल निगम की टीम भी देख रही है.
फिलहाल पुलिस और प्रशासन गैस रिसाव से प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. घटना के बाद अब जांच का फोकस इस बात पर है कि क्लोरीन सिलेंडर के वाल्व में लीकेज कैसे हुआ और प्लांट के रखरखाव में किसी तरह की कमी थी या नहीं. अधिकारियों के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है.
उस्मान चौधरी