UP News: बिजनौर के बनखला गांव में मस्जिद के नीचे कुआं होने के दावे को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. हिंदू संगठनों के मामले में सक्रिय होने और प्रशासन की जांच के बीच मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने उस स्थान पर बने निर्माण को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है, जिसके नीचे कुआं होने का दावा किया जा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण को आपसी सहमति से हटाया जा रहा है, ताकि खुदाई कर सच्चाई सामने लाई जा सके कि वास्तव में वहां कुआं है या नहीं. हालांकि, ग्रामीण कैमरे पर इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. उनका कहना है कि गांव में सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं और वे किसी तरह का विवाद नहीं चाहते.
दरअसल, कुछ समय पहले हिंदू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष कौशिक त्यागी ने मस्जिद के नीचे कुआं होने का दावा करते हुए इसकी शिकायत बिजनौर के डीएम और एसपी से की थी. शिकायत में मामले की जांच कराने और कुएं के ऊपर किए गए कथित निर्माण को हटाने की मांग की गई थी. इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी.
करीब पांच दिन पहले एसडीएम और सीओ नगीना राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मस्जिद परिसर में जांच कर चुके हैं. इसी बीच हिंदू रक्षा दल ने मंगलवार को कथित कुएं के स्थान पर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा कर दी थी. कार्यक्रम की घोषणा के बाद आसपास के क्षेत्र से संगठन के कार्यकर्ता भी गांव के पास पहुंच गए थे.
तनाव स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मस्जिद के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया था. दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर उनके शिकायत संबंधी दस्तावेज भी लिए गए. प्रशासन की ओर से हिंदू रक्षा दल से कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया गया और पूरे मामले की जांच के लिए तीन दिन का समय मांगा गया. इसके बाद संगठन ने हनुमान चालीसा कार्यक्रम स्थगित कर दिया था.
अब तय समय के बाद मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने कथित कुएं के स्थान पर बने निर्माण को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है. मौके पर पहुंचे आज तक टीम ने देखा कि जो निर्माण मस्जिद कमेटी ने खुद तोड़ा है उसको त्रिपाल से ढक दिया गया है मस्जिद के मुतवल्ली के बेटे शमशाद ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए मौखिक बताया कि सभी लोगों ने आपसी सहमति से निर्माण हटाने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि निर्माण हटाकर यह देखा जाएगा कि नीचे वास्तव में कुआं है या नहीं.
वहीं, मौके पर मौजूद हिंदू समाज से जुड़े सुभाष ने भी कहा कि उन्हें याद नहीं है कि वहां पहले कभी कुआं रहा हो, लेकिन सच्चाई सामने लाने के लिए आपसी सहमति से निर्माण हटाया जा रहा है. मीडिया के पहुंचने से पहले तोड़े गए हिस्से को ग्रामीणों ने तिरपाल से ढक दिया था.
ग्रामीणों का कहना है कि वे मामले को तूल नहीं देना चाहते और आपसी सहमति से विवाद को समाप्त करना चाहते हैं. बताया जा रहा है कि मौके पर करीब चार फीट तक खुदाई की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कुएं जैसी कोई संरचना दिखाई नहीं दी है. ग्रामीणों का कहना है कि आगे भी खुदाई कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी.
फिलहाल गांव में शांति का माहौल है. मस्जिद के आसपास अनावश्यक आवाजाही रोकने के लिए मस्जिद को नमाज के समय को छोड़कर अन्य समय बंद रखा जा रहा है और गेट पर ताला लगा हुआ है.
मस्जिद के नीचे कुआं होने का दावा सही है या नहीं, यह जांच और आगे की खुदाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और गांव में किसी तरह का तनाव न हो, इसके लिए सतर्कता बरती जा रही है.
संजीव शर्मा