उत्तर प्रदेश के बांदा में 6 और 4 साल के दो सगे भाइयों की मौत के बाद सनसनी फैल गई है. नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दोनों बच्चे 30 सितंबर को दोपहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए थे. कई घंटे तक तलाश के बाद रात में दोनों के शव घर के पास एक मकान की नींव भरने के लिए खोदे गए गड्ढे में मिले. गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था.
मृतकों की पहचान मनोज (6) और युवराज (4) के रूप में हुई है. दोनों के शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों और ग्रामीणों ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. परिवार का आरोप था कि पहले की शिकायतों पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और उल्टा उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई.
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मामला बढ़ने पर बांदा के एसपी पलाश बंसल ने परिजनों से बात की और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. एसपी के निर्देश पर डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया. रिपोर्ट में दोनों बच्चों की मौत सिर में चोट लगने से होने की बात सामने आई है. पोस्टमार्टम के दौरान बच्चों के पेट में पानी भी नहीं मिला.
पोस्टमार्टम में सिर की चोट से मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिजनों ने दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया. वहीं, परिवार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ हत्या कर शव गड्ढे में फेंकने का मुकदमा दर्ज किया है. सभी नामजद लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है और पुलिस उनसे घटना को लेकर सवाल कर रही है.
परिजनों के मुताबिक, जुलाई में एक पेड़ गिरने और उसे काटने को लेकर पड़ोसियों से उनका विवाद हुआ था. परिवार का आरोप है कि पेड़ काटने से मना करने पर पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की थी. इस मामले में पुलिस से शिकायत भी की गई थी, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई. परिवार का दावा है कि इसी विवाद के बाद उन्हें देख लेने की धमकी दी गई थी.
परिजनों का आरोप है कि पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े रहे. परिवार का कहना है कि पड़ोसियों ने चार महीने के भीतर उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी. उनका आरोप है कि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद दोनों बच्चों की जान बच सकती थी.
बेटों के शव देखकर बेसुध हुई मां
दोनों बेटों की मौत के बाद उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है. बच्चों के शव देखकर वह बार-बार उन्हें याद कर रही हैं. मां का कहना है कि दोनों बेटे उनके बिना नहीं रहते थे और उन्हें ढूंढ रहे होंगे. उन्होंने कहा कि नौ महीने तक गर्भ में रखने के बाद गरीबी और मुश्किलों के बीच दोनों बच्चों को पाला था.
परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाना प्रभारी भास्कर मिश्रा से लेकर डिप्टी SP प्रवीण कुमार तक शिकायत की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. मां का यह भी आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय परिवार को जेल भेजने की धमकी दी. परिजनों का कहना है कि अगर पहले की शिकायत पर कार्रवाई होती तो बच्चों के साथ यह घटना नहीं होती.
ASP शिवराज ने बताया कि 30 सितंबर को नंदवारा गांव से दो सगे भाइयों के दोपहर करीब 12 बजे से लापता होने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नरैनी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू की. काफी खोजबीन के बाद घर के पास बारिश के पानी से भरे गड्ढे में दोनों के शव मिले.
9 लोगों पर मुकदमा, पूछताछ जारी
ASP के मुताबिक, दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और डॉक्टरों के पैनल के साथ वीडियोग्राफी कराई गई. परिजनों की तहरीर के आधार पर 9 लोगों के खिलाफ हत्या कर शव गड्ढे में फेंकने का अभियोग दर्ज किया गया है. सभी नामजद लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है.
पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से बताए गए तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे साक्ष्यों का अवलोकन कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.
सिद्धार्थ गुप्ता