उत्तर प्रदेश के बांदा में बांदा-टांडा NH पर इन दिनों सफर करना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है. तिंदवारी थाना क्षेत्र के तेरही मोड़ के पास नेशनल हाईवे पर दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है. पानी की वजह से सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं. ऐसे में यहां से गुजरने वाली गाड़ियां गड्ढों में फंस रही हैं और कई वाहन पलट भी रहे हैं.
मंगलवार को ईंट लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर पानी से भरी सड़क पर पलट गया. हादसे में चालक बाल-बाल बच गया. घटना के बाद सड़क पर जाम लग गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव और गड्ढों की वजह से यहां आए दिन वाहन फंस रहे हैं और हादसे हो रहे हैं. तिंदवारी थाना क्षेत्र के तेरही मोड़ पर हालात ऐसे हैं कि सड़क और तालाब के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, नालियां चोक होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया है. पानी भरने के कारण सड़क पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई नहीं देते. वाहन चालक जब पानी के बीच से निकलने की कोशिश करते हैं तो अचानक गड्ढे में पहिया जाने से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है. स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी वजह से आए दिन गाड़ियां पलट रही हैं. कई लोग घायल भी हुए हैं. मौके के वीडियो में सड़क पर भरा पानी, फंसी गाड़ियां और वाहनों को निकालने की कोशिश करते लोग नजर आ रहे हैं.
पानी में फंसी पुलिस की वैन, बुलडोजर से कराया गया रेस्क्यू
जलभराव का असर आम वाहनों के साथ जरूरी सेवाओं पर भी पड़ रहा है. फीड के मुताबिक, अपराधियों को ले जाने वाली पुलिस की वैन भी पानी और गड्ढों के बीच फंसी नजर आई. वाहनों को निकालने के लिए बुलडोजर और दूसरी गाड़ियों की मदद लेनी पड़ रही है. मौके पर पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं, ताकि जाम और यातायात की स्थिति को संभाला जा सके. स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब कोई वाहन सड़क पर पलट जाता है तो काफी देर तक यातायात प्रभावित रहता है. इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है.
ईंट लेकर जा रहा ट्रैक्टर पलटा
मंगलवार को इसी जलभराव के बीच ईंट लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर सड़क पर पलट गया. ट्रैक्टर के पलटते ही यातायात प्रभावित हो गया. हालांकि, चालक हादसे में बाल-बाल बच गया. स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर पलटने का वीडियो भी बनाया, जिसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. इसके बाद एक बार फिर नेशनल हाईवे की स्थिति और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे. लोगों का कहना है कि पानी के नीचे सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते और यही सबसे बड़ा खतरा है. वाहन चालक को यह अंदाजा नहीं लग पाता कि अगले ही पल सड़क की स्थिति कैसी है. स्थानीय लोग जलभराव को लेकर नगर पंचायत और संबंधित विभागों पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि नालियों की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. लोगों का आरोप है कि सड़क पर पानी जमा होने के साथ-साथ बड़े गड्ढों की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है. बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नेशनल हाईवे है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में सड़क पर पानी और गड्ढों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
जाम से जरूरी सेवाएं भी प्रभावित
वाहनों के फंसने और पलटने के बाद हाईवे पर कई घंटे तक जाम लगने की स्थिति बन रही है. इसका असर सिर्फ आम यात्रियों पर ही नहीं बल्कि जरूरी सेवाओं पर भी पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, जाम के कारण पुलिस और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है. मौके पर पुलिस की मौजूदगी में यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है. लोगों का कहना है कि जब तक जलभराव और सड़क के गड्ढों की स्थायी समस्या दूर नहीं होती, तब तक यहां वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहेगा. स्थानीय लोग लगातार सड़क की स्थिति के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है. जिला प्रशासन ने NHAI को व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश के बावजूद अभी तक उन्हें जलभराव और बड़े गड्ढों से राहत नहीं मिली है. लोगों की मांग है कि सड़क से पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए और पानी के नीचे छिपे गड्ढों को दुरुस्त कराया जाए.
सिद्धार्थ गुप्ता