उत्तर प्रदेश के बागपत में दो जिगरी दोस्तों अंकित और इसरार की हत्या की कहानी जितनी खौफनाक है, उसकी शुरुआत उतनी ही चौंकाने वाली बताई जा रही है. पुलिस की जांच और परिजनों के दावों के मुताबिक, इस पूरे मामले की कड़ी इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई एक तस्वीर से जुड़ती है.
तस्वीर में गणेश मंदिर का पुजारी नरेशनाथ और मृतक अंकित की बहन एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आ रहे थे. यही तस्वीर अंकित ने देखी और इसके बाद वह अपने दोस्त इसरार के साथ पुजारी से मिलने मंदिर पहुंचा था. आरोप है कि इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे. उनकी लाशें मंदिर परिसर में गड्ढे में दफन मिलीं.
दरअसल मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, अंकित की बहन और पुजारी नरेशनाथ के बीच नजदीकियों की यह तस्वीर पुजारी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की थी. तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद अंकित की नजर उस पर पड़ी. तस्वीर को लेकर उसके मन में सवाल खड़े हुए और वह अपने दोस्त इसरार को साथ लेकर गणेश मंदिर पहुंचा.
बताया जा रहा है कि मंदिर में ही दोनों दोस्तों की हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को मंदिर परिसर में ही एक गड्ढा खोदकर दफना दिया. इसके बाद उस जगह के ऊपर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी गईं, ताकि किसी को वहां जमीन के नीचे शव दबे होने का शक न हो. करीब 20 दिन बाद जब इस हत्याकांड का खुलासा हुआ तो मंदिर परिसर में खुदाई कर दोनों दोस्तों के शव बरामद किए गए. लेकिन इस मामले में कहानी का दूसरा पहलू भी सामने आया है, जिसने पूरे हत्याकांड को और उलझा दिया है.
मृतक इसरार की पत्नी और बहन ने उसी इंस्टाग्राम तस्वीर का हवाला देते हुए अलग ही आरोप लगाया है. उसका कहना है कि अंकित ने तस्वीर देखी थी और इसके बाद वह उसके पति इसरार को बाइक पर घुमाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था. पत्नी का आरोप है कि इसके बाद अंकित के परिवार ने साजिश के तहत इसरार की भी हत्या करा दी. परिजनों का दावा है कि अंकित के परिवार को पहले से ही पुजारी नरेशनाथ और अंकित की बहन के बीच कथित संबंधों की जानकारी थी. इसरार का परिवार अब अंकित के परिवार पर कार्रवाई की मांग कर रहा है.
मनुदेव उपाध्याय