अखिलेश यादव के आरोप सही साबित? आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में 13 जगह 'विकास यादव'... अफसर समेत 9 कर्मचारी नपे

Azamgarh Voter List Controversy: अखिलेश यादव के आरोप चुनाव आयोग की जांच में सही पाए गए. आजमगढ़ में विकास यादव का नाम 13 बार दर्ज मिलने पर 9 अधिकारियों पर एक्शन. पढ़ें पूरी खबर...

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समाजवादी पार्टी के खुलासे के बाद हरकत में आया प्रशासन. (File Photo: ITG) समाजवादी पार्टी के खुलासे के बाद हरकत में आया प्रशासन. (File Photo: ITG)

कुमार अभिषेक

  • आजमगढ़/लखनऊ,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:07 PM IST

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोप बिल्कुल सही साबित हुए हैं. आजमगढ़ जिले की वोटर लिस्ट में कई गड़बड़ियां सामने आने पर कंप्यूटर सहायक, 5 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) समेत कुल 9 अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसा गया है.

दरअसल, समाजवादी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक व्यक्ति 'विकास यादव' को मीडिया के सामने लाते हुए गंभीर आरोप लगाया था कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में उनके नाम पर कई वोट दर्ज हैं. इस खुलासे के बाद निर्वाचन आयोग ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और जिला निर्वाचन अधिकारी आजमगढ़ से जांच रिपोर्ट तलब की.

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जांच में 13 जगह मिला 'विकास यादव' नाम

जांच में एक अहम तथ्य सामने आया. सूची में 'विकास यादव' नाम 13 बार मिला. इनमें एक एंट्री गोरखपुर से जुड़ी मिली. यह मतदाता चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है. यह अन्य से अलग पाया गया. आजमगढ़ से जुड़े डेटा की भी जांच हुई. दो जगह नाम हटाने का काम पहले हो चुका था. बाकी 11 की जांच की गई. जांच में ये 11 अलग-अलग व्यक्ति मिले. सभी अपने गांवों में रह रहे हैं. इनमें एक का वास्तविक नाम विकास यादव है. बाकी 10 लोगों का नाम गलत दर्ज मिला. उनके अन्य विवरण में भी सुधार होना है. इसके लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है.

कंप्यूटर सहायक और 5 BLO पर कार्रवाई

जांच के बाद जिम्मेदारी भी तय हुई है. कंप्यूटर सहायक को दोषी पाया गया है. पांच बूथ लेवल अधिकारी भी दोषी मिले हैं. सभी को वोटर लिस्ट के काम से हटाया जाएगा. इसके लिए तत्काल निर्देश दिए गए हैं. सेवा समाप्ति से जुड़ा नोटिस भी दिया जाएगा. दोषी कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई भी होगी. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रक्रिया चलेगी. धारा-32 के तहत कार्रवाई के निर्देश हैं.

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ERO और दो AERO भी कार्रवाई के दायरे में

मामला केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी दायरे में हैं. दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी शामिल हैं. इन अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश हैं. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी. इसके लिए आरोप पत्र जारी किया जाएगा. काम में लापरवाही का आरोप है.  

पूरे आजमगढ़ की वोटर लिस्ट की होगी जांच

अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है. आजमगढ़ की दूसरी विधानसभा सीटें भी जांची जाएंगी. सभी मतदाता सूचियों की पड़ताल होगी. जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं. गहन जांच करके रिपोर्ट तैयार करनी होगी. इसके लिए एक सप्ताह का समय मिला है.

कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग को घेरा

इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस भी हमलावर है. पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. इसमें चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कांग्रेस ने पीलीभीत का मामला भी उठाया. आजमगढ़ की कार्रवाई का भी जिक्र किया. पार्टी ने 9 लोगों पर कार्रवाई का दावा किया. कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सरकार पर भी आरोप लगाए. हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों के समर्थन में पार्टी ने कोई स्वतंत्र प्रमाण शेयर नहीं किया है.

फिलहाल निर्वाचन विभाग की जांच पूरी हो चुकी है. वोटर लिस्ट में गलतियां मिलने की पुष्टि हुई है. जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश हैं. अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय प्रक्रिया शुरू होगी.

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